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Chhattisgarh

वारदात के 24 घंटे बाद ही खेल खत्म: त्रिनयन की डिजिटल आंखों ने पकड़वाए तीनों आरोपी

मुंगेली में ‘ऊं’ लॉकेट लूटकर जान लेने की कोशिश, 24 घंटे में पुलिस ने कसा शिकंजा

मुंगेली…रास्ता रोककर लूट और गला दबाकर हत्या के प्रयास की सनसनीखेज वारदात का खुलासा मुंगेली पुलिस ने महज 24 घंटे में कर दिया। सोने का “ऊं” अंकित लॉकेट लूटने और युवक की जान लेने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में हुई। मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

वारदात कैसे हुई

पीड़ित ताम्रज सिंह, निवासी झाफल थाना लोरमी, 2 मार्च 2026 की रात करीब 3:30 बजे मोटरसाइकिल से रायपुर के लिए निकला था। सुबह लगभग 4:15 बजे मुंगेली-लोरमी तिराहा के पास तीन युवकों ने उसे रोक लिया।

आरोपियों ने कॉलर पकड़कर गले में काली डोरी में पहना सोने का “ऊं” लॉकेट छीन लिया। विरोध करने पर पत्थर से बाइक की हेडलाइट तोड़ी, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। एक आरोपी ने गला दबाकर जमीन पर गिरा दिया। दूसरे ने मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। किसी तरह पीड़ित वहां से जान बचाकर भाग निकला।

थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई।

‘त्रिनयन’ बना गेमचेंजर

घटना के खुलासे में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग द्वारा विकसित “त्रिनयन एप्लिकेशन” निर्णायक साबित हुआ।

एप में दर्ज सीसीटीवी कैमरों के डाटा से घटनास्थल के आसपास की फुटेज खंगाली गई। साइबर सेल और थाना सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात स्वीकार की।

पुलिस ने लूटा गया सोने का लॉकेट और घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया है।

बहरहाल कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि हाईवे पर अपराध कर फरार होना अब आसान नहीं। तकनीक और त्वरित पुलिसिंग के समन्वय से 24 घंटे में आरोपियों तक पहुंच संभव हुई।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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