वर्दी के घर से निकली न्याय की आवाज़: पुलिस परिवार की बेटी बनी सिविल जज, दूसरी ने जीते पाँच स्वर्ण पदक
पुलिस परिवार की बेटियाँ बनीं मिसाल: एक न्याय की कुर्सी तक पहुँची, दूसरी ने गोल्ड मेडल से चमकाया नाम

बिलासपुर… पुलिस परिवार की दो बेटियों ने अपनी उपलब्धियों से पूरे विभाग को गौरवान्वित किया। रामगोपाल गर्ग ने विशेष शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा और मनप्यारी देवी की सुपुत्री स्वाति पैकरा के सिविल जज परीक्षा में प्रथम प्रयास में चयन पर कार्यालय में सम्मानित किया।
स्वाति पैकरा ने डी.पी. विप्र कॉलेज से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर पहले ही प्रयास में न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की। चयन के बाद वह अपने पिता और विशेष शाखा की जोनल पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप के साथ आईजी कार्यालय पहुँची। दीपमाला कश्यप ने आईजी को स्वाति की सफलता की जानकारी दी।
रामगोपाल गर्ग ने स्वाति को पुष्पगुच्छ और स्मरणिका भेंट कर सम्मानित किया, आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने संदेश दिया कि न्यायिक सेवा में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा सबसे बड़ी पूँजी होती है। कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए।
आईजी ने कहा कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण सेवा के बावजूद परिवार के बच्चे अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रहे हैं। रेंज स्तर पर बच्चों की शिक्षा और करियर में हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर रजनेश सिंह ने भी स्वाति को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस परिवार की बेटी को न्यायाधीश के रूप में देखना गर्व का क्षण है।
इसी क्रम में प्रधान आरक्षक चालक उमाकांत कौशिक और मंदाकिनी कौशिक की पुत्री संध्या कौशिक को भी सम्मानित किया गया। संध्या ने बारहवीं में प्रदेश में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए, नीट परीक्षा में चयन के बाद छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान से एमबीबीएस में सर्वोच्च अंक हासिल किए और कुल पाँच गोल्ड मेडल प्राप्त किए। वर्तमान में वह हैदराबाद स्थित केयर हॉस्पिटल में रेडियोलॉजी में स्नातकोत्तर अध्ययन कर रही हैं।
आईजी ने संध्या और उनके अभिभावकों को भी स्मरणिका प्रदान कर सम्मानित किया।
विशेष शाखा की जोनल पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप ने बताया कि अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता, ने भी दोनों बेटियों की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दी हैं।
पुलिस परिवार की इन उपलब्धियों ने विभाग में नई ऊर्जा और गर्व का संचार किया है।





