IMD Rain Alert- अगले 15 घंटों में बदलेगा मौसम का मिजाज; दिल्ली-यूपी समेत 10 राज्यों में बारिश और बिजली का अलर्ट, IMD की चेतावनी

imd rain alert/देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर अपनी करवट लेने को तैयार है और इस बार यह बदलाव काफी तेज होने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक ताजा और गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 15 घंटों के भीतर उत्तर और मध्य भारत के करीब 10 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ सकता है।
imd rain alert/मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है।
उत्तर भारत में मौसम के इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) को माना जा रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होगी।
imd rain alert/इसके साथ ही, कोहरे का असर भी दोबारा लौट सकता है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाने का अनुमान है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने, गाड़ी की गति कम रखने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सख्त सलाह दी है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 17 और 18 फरवरी को बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मध्य भारत और दक्षिण भारत में भी मौसम की हलचल तेज रहेगी। मध्य प्रदेश में 18 फरवरी को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट है।
imd rain alert/वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल और माहे में 21 और 22 फरवरी को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश की वजह से सुबह और रात के समय ठंड का अहसास एक बार फिर बढ़ सकता है, जबकि दिन के समय हल्की गर्मी महसूस की जाएगी। तापमान में इस उतार-चढ़ाव के बीच लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
यह बदलता मौसम किसानों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर आया है। तेज हवाओं और अचानक होने वाली बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।





