Durg News-रेलवे कर्मचारी महिला से पहचान पत्र और एटीएम कब्जा कर आरोपी ने डकारे लाखों रुपये; अब चढ़ा पुलिस के हत्थे

Durg News-दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में एक महिला रेलवे कर्मचारी पिछले दो दशकों से ‘दस्तावेजी गुलामी’ का शिकार थी। एक शातिर आरोपी ने महिला के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और यहां तक कि मोबाइल सिम कार्ड पर कब्जा कर लिया और उनके नाम पर एक के बाद एक कई लाखों के लोन निकाल लिए।
हैरानी की बात यह है कि पीड़िता के वेतन से पिछले 20 सालों से लोन की किस्तें कट रही थीं, लेकिन उन रुपयों का आनंद आरोपी उठा रहा था। पुलिस ने अब इस मामले के मुख्य आरोपी के. सांईवारा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह पूरी कहानी साल 2006 में शुरू हुई थी, जब चरोदा निवासी पीड़िता अख्तरी बेगम (57) के पति ने मकान निर्माण के लिए लोन लेने के वास्ते एल. महेश्वर राय नामक व्यक्ति से मदद मांगी थी। इसी दौरान आरोपी परिवार के करीब आया और बैंक दस्तावेज अपडेट करने व केवाईसी के बहाने महिला के सभी महत्वपूर्ण कागजात, चेकबुक और पासबुक अपने पास रख लिए।
आरोपी ने इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर महिला के नाम पर 20 लाख रुपये का बड़ा लोन ले लिया, जिसकी 20,220 रुपये की मासिक किस्त पीड़िता के वेतन से कटने लगी। जब यह लोन खत्म हुआ, तब भी महिला की मुसीबतें कम नहीं हुईं।
साल 2021 में आरोपी ने भारतीय स्टेट बैंक से 5.80 लाख और फिर फरवरी 2025 में रेलवे अर्बन बैंक से दोबारा 5.80 लाख रुपये का लोन महिला के नाम पर ले लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि पहले संपर्क में रहे एल. महेश्वर राय की मृत्यु के बाद आरोपी के. सांईवारा (37) ने कमान संभाली और महिला के एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल सिम पर पूरी तरह कब्जा कर लिया। वह महिला के खाते से पैसे निकालता और उन्हें अपनी मां और अन्य परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर देता था।
साल 2021 से 2025 के बीच आरोपी ने एटीएम और चेक के जरिए करीब 5 लाख रुपये का गबन किया। जब भी महिला को इस धोखाधड़ी का अहसास होता, आरोपी उन्हें पैसा डूबने और रिटायरमेंट फंड रुकवाने की धमकी देकर डरा देता था। चूंकि महिला अकेली रहती थी, इसलिए वह डर के मारे चुप रही।
ठगी का यह घिनौना खेल तब उजागर हुआ जब पीड़िता की सेवानिवृत्ति का समय नजदीक आया। डर और मानसिक तनाव के बीच उन्होंने अपनी बहन और जीजा को पूरी आपबीती सुनाई। जब बैंक से स्टेटमेंट निकलवाया गया, तो करोड़ों के ट्रांजेक्शन और फर्जी तरीके से लिए गए लोन की परतें खुलती चली गईं। पुरानी भिलाई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी के. सांईवारा को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़िता के बैंक दस्तावेज, चेकबुक और कई आईडी कार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस इस वित्तीय हेराफेरी में शामिल अन्य संभावित कड़ियों की तलाश कर रही है।





