CG News-महिला को टोनही बताकर बाल पकड़कर घसीटा, पुलिस की सुस्त कार्रवाई से नाराज पीड़िता ने अब एसपी से लगाई गुहार

CG News-छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना का एक रूहानी मामला सामने आया है, जहां उदयपुर इलाके की एक महिला को जादू-टोना करने का आरोप लगाकर न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई। इस गंभीर घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज न किए जाने से आहत होकर पीड़िता एक बार फिर न्याय की गुहार लेकर अंबिकापुर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची।
महिला का आरोप है कि उसे टोनही कहकर समाज में अपमानित किया गया और कुल्हाड़ी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई, लेकिन उदयपुर पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के बजाय महज प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली है।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए पीड़िता ने बताया कि करीब दो महीने पहले जब वह अपने घर में काम कर रही थी, तभी पड़ोस की दो महिलाएं अचानक उसके घर में घुस आईं।
CG News/उनमें से एक महिला के हाथ में कुल्हाड़ी थी, जिससे वह उसे डराने की कोशिश कर रही थी। दोनों महिलाओं ने उस पर जादू-टोना करने का संगीन आरोप लगाया और कहा कि उसी की वजह से वे और उनके परिवार वाले परेशान हैं। बात यहीं नहीं रुकी, उन महिलाओं ने पीड़िता के बाल पकड़े और उसे घसीटते हुए अपने घर ले गईं। वहां पहले से ही दो बैगा (झाड़-फूंक करने वाले) मौजूद थे, जिनके सामने पीड़िता को जबरदस्ती बिठाया गया। किसी तरह जान बचाकर महिला वहां से भागने में सफल रही और अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई।
पीड़िता के परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उदयपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर पीड़िता ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद जांच तो शुरू हुई लेकिन पुलिस का रवैया नरम ही रहा।
पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ केवल प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की, जिससे पीड़िता और उसका परिवार संतुष्ट नहीं है। पीड़िता का कहना है कि सरेआम टोनही कहकर अपमानित करने और मारपीट करने के बावजूद आरोपियों को कोई सख्त सजा नहीं मिली, जिससे वे अब भी बेखौफ हैं और उसे डर है कि भविष्य में उसके साथ फिर कोई अनहोनी हो सकती है।
आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची पीड़िता ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तत्काल उदयपुर थाना प्रभारी से बात की और नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि, स्थानीय पुलिस का तर्क है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और प्रारंभिक रूप से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, लेकिन कानून के जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में टोनही प्रताड़ना अधिनियम की धाराओं का प्रयोग अनिवार्य है ताकि समाज में इस तरह के अंधविश्वास को फैलने से रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पीड़िता को उचित न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




