CG News- कुरुद में बरसे दीपक बैज, बोले- ‘मजदूरों का हक छीनकर योजना खत्म करने की साजिश रच रही मोदी सरकार’

CG News/कुरुद। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कुरुद विधानसभा के मेघा क्षेत्र में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का शंखनाद किया गया। मंगलवार को आयोजित इस पदयात्रा और जनसभा के दौरान कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की साय सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना ‘मनरेगा’ को बंद करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
महानदी के तट पर बसे ऐतिहासिक ग्राम मेघा में जनसभा को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, “मोदी सरकार ने मनरेगा का स्वरूप बदलकर इसे केवल कागजों तक सीमित करने की कोशिश शुरू कर दी है। नाम बदलने और नए फ्रेमवर्क के जरिए इसे कंडीशनल बनाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर संविधान के आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों का हनन है।”
बैज ने वित्तीय भार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र देता था, लेकिन अब 40 प्रतिशत राशि राज्यों पर थोपी जा रही है। आर्थिक संकट से जूझ रही राज्य सरकारों के लिए यह बोझ उठाना मुश्किल होगा, जिससे अंततः यह योजना दम तोड़ देगी और ग्रामीण मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारणी चन्द्राकर ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के बजाय कॉर्पोरेट घरानों के हितों की चिंता कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसे कानून लाए जा रहे हैं जिससे मजदूरों को काम न मिले। लोकसभा में पारित नए बिल को उन्होंने रोजगार गारंटी योजना को खत्म करने वाला ‘डेथ वारंट’ बताया।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल को विफल बताते हुए किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा, “यह पहली बार हो रहा है कि अधिकारी घर-घर जाकर धान चेक कर रहे हैं, जैसे किसान कोई चोर हों। किसानों को खाद, बीज और टोकन के लिए तरसाया जा रहा है। विफलता छुपाने के लिए अधिकारी धान की चोरी का दोष चूहों (मुसवा) पर मढ़ रहे हैं।”
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेघा से अपनी पदयात्रा शुरू की। यह यात्रा अरौद, गिरौद, सौंगा और हरदी तक पहुँची। हाथ में झंडे और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।




