संयुक्त संवेदना समिति ने दी शोकाकुल शिक्षक परिवार को एक लाख रुपये की संवेदना राशि

सूरजपुर: मानवता की मिसाल बन चुकी संयुक्त संवेदना समिति सूरजपुर ने दिवंगत शिक्षकों के परिवारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए एक बार फिर सहयोग की मिसाल पेश की है।
शासकीय प्राथमिक शाला नेवरा, विकासखण्ड सूरजपुर की सहायक शिक्षिका स्व. कमला गुप्ता के आकस्मिक निधन हो जाने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने उनके निवास भैयाथान रोड सूरजपुर पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपस्थित सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके पति श्री सतीश गुप्ता को समिति की ओर से एक लाख रुपये की संवेदना राशि प्रदान की गई।
जिले के शिक्षको का अपने दिवंगत शिक्षक साथी के प्रति प्यार और संवेदना प्रगट करने के इस मानवीय तरीके को देखकर पूरे परिवार की आंखे नम हो गई और संवेदना राशि प्रदान करने आये शिक्षक गण भी अपने आंसुओ को रोक नही पाए।
समिति के ब्लॉक अध्यक्ष कृष्णा सोनी ने बताया कि वर्ष 2018 में शिक्षाकर्मी से शिक्षक पद पर संविलयन हुए शिक्षकों की आर्थिक स्थिति, बढ़ती उम्र के साथ जिम्मेदारियों के बोझ तले सिमट के रह गई है ऐसे में किसी शिक्षक की मृत्यु पर उसके परिवार को आर्थिक मानसिक त्रासदी का सामना करना पड़ता है। इस बढ़ती आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त शिक्षक संघ सूरजपुर के जिला अध्यक्ष सचिन त्रिपाठी की पहल पर यह योजना 2021में प्रारंभ की गई।
इसमें 500 रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क देकर शिक्षक समिति का सदस्यता ग्रहण करते हैं तथा सदस्यता ग्रहण करने वाले किसी भी सदस्य की मृत्यु होने पर उनके परिवार को एक लाख रुपये की संवेदना राशि, लंबित सेवा लाभों के त्वरित भुगतान और आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने में सहायता प्रदान की जाती है।
वर्ष 2021 से अब तक इस योजना के अंतर्गत 24 शिक्षक परिवारों को सहयोग प्रदान किया जा चुका है और 2500 से अधिक शिक्षक इस समिति से जुड़ चुके हैं।
इस अवसर पर संयुक्त संवेदना समिति के जिला अध्यक्ष सचिन त्रिपाठी, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ओड़गी प्रदीप सिंह,ब्लॉक अध्यक्ष कृष्णा सोनी,राकेश शुक्ला, गिरवर यादव, प्रतिमा सिंह, भुवनेश्वर सिंह, राधेश्याम साहू, मनोज कुशवाहा, दिनेश पाण्डेय, रोशन साहू, आशीष यादव, प्रभावती पैकरा, श्यामपति सिंह, संजय पाण्डेय, आशीष त्रिपाठी,सुरेश राजवाड़े सहित अन्य सदस्य, शिक्षक गण उपस्थित रहे।




