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Amla murabba recipe-सर्दियों में सेहत का स्वाद: दादी-नानी के नुस्खे से बनाएं आंवला का पारंपरिक मुरब्बा, इम्यूनिटी से लेकर दिल तक रखे सुरक्षित

आंवला का मुरब्बा सर्दियों के सीजन की बेस्ट चीजों में से एक है, जिसे बहुत पुराने समय से बनाया जाता रहा है. सबसे अच्छी बात है कि इसे आप एक बार बनाकर कई महीनों तक खा सकते हैं. तो चलिए देख लेते हैं कि आप चीनी की जगह किस चीज से मुरब्बा में मिठास ला सकते हैं और इसकी ट्रेडिशनल रेसिपी क्या है.

Amla murabba recipe/सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बाजार में आंवला खूब दिखने लगता है। विटामिन सी का सबसे बेहतरीन स्रोत माना जाने वाला आंवला इस मौसम में सेहत का खजाना साबित होता है।

कई लोग इसे चटनी, अचार, जैम और जूस के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आंवला का मुरब्बा स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का ऐसा मेल है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

आंवला न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि त्वचा, बाल और दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है।

इसमें मौजूद विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को बीमारियों से बचाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके नियमित सेवन से पाचन सुधरता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

पारंपरिक तरीके से बनाया गया आंवला मुरब्बा स्वाद में बेहतरीन और स्वास्थ्यकारी भी होता है। इसके लिए बड़े आकार के और थोड़ा पके हुए आंवले सबसे बेहतर माने जाते हैं।Amla murabba recipe

मुरब्बा बनाने में मिश्री का उपयोग चीनी की तुलना में अधिक फायदेमंद होता है, क्योंकि यह प्राकृतिक और पचने में आसान होती है। इसमें हरी इलायची, केसर, काली मिर्च और काला नमक का इस्तेमाल स्वाद और औषधीय गुणों को और बढ़ा देता है।

दादी-नानी की परंपरागत विधि के अनुसार आंवला को पहले चूने या फिटकरी के पानी में भिगोया जाता है, फिर उबालकर चाशनी में पकाया जाता है।

चाशनी जब तार छोड़ने लगे, तभी इसमें मसाले मिलाए जाते हैं। पूरी तरह ठंडा होने के बाद मुरब्बा को कांच के एयरटाइट जार में भरकर महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर दिन एक से दो चम्मच आंवला मुरब्बा खाने से शरीर को कई विटामिन और पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से मिलते हैं। यह सर्दियों में होने वाली खांसी, जुकाम और संक्रमण से भी बचाव करता है।Amla murabba recipe

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