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Chhattisgarh

विधायक पर रेत घाटों से उगाही का आरोप.. ऑडियो क्लिप नाम मचाया हड़कंप.. कलेक्टर एसडीएम का जिक्र

जांजगीर-चांपा… पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश पर रेत घाटों से अवैध वसूली और अफसरों तक कमीशन पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो क्लिप्स ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

 क्लिप्स में कथित तौर पर रेत संचालक और एक महिला के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें हर महीने लगभग 10 लाख रुपये की उगाही का जिक्र है।  कलेक्टर को 2 लाख, एसडीएम को 2 लाख और विधायक को 3 लाख दिए जाने की बात कही गई है। बातचीत में यह भी खुलासा है कि जब्त वाहन छुड़वाने के लिए 3 लाख दिए गए और अगले महीनों में 10 लाख रुपये मासिक भुगतान की व्यवस्था तय की गई।

एक क्लिप में साफ तौर पर कहा गया—“सिस्टम शुरू से ही सबको शुरू रखना पड़ेगा ताकि कोई अड़ंगा न लगाए। इसमें कुल ₹10 लाख की बंटवारा लिस्ट भी सुनाई देती है5 लाख विधायक, 2 लाख कलेक्टर, 2 लाख एसडीएम और 1 लाख अन्य के हिस्से।

विधायक का खंडन

विधायक शेषराज हरबंश ने आरोपों को पूरी तरह से साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि दिसंबर 2024 में  दिल्ली में थी। उस समय की बातचीत को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

उन्होंने सफाई दी कि यह रकम चालान की राशि थी, न कि कमीशन। दरअसल, देवराघटा में जब दो गाड़ियाँ खनन विभाग ने पकड़ीं, तो चालान 8 लाख का बनना था। उनकी दखलअंदाजी से मामला 3 लाख पर निपटा, और यही रकम ऑडियो में “पैसे भेजने” के रूप में सुनी जा रही है।

विधायक ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के अवैध सरकारी जमीन सौदों और फर्जी रजिस्ट्रियों का उन्होंने खुलासा किया था, वही लोग इस एडिटेड और स्क्रिप्टेड ऑडियो के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

 राजनीतिक भूचाल

 मामला न सिर्फ पामगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सियासी तूफान खड़ा कर रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, आम जनता के बीच रेत माफिया और नेताओं के गठजोड़ की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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