हाईकोर्ट की सख्ती: “बिलासपुर में सिटी बस सेवा कब पटरी पर आएगी?” – 10 सितंबर तक मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर में शहरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की बदहाली को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने जानकारी दी कि शहर में 9 में से सिर्फ 5 सिटी बसें ही संचालित हो रही हैं, जिस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि “जब जनता को लगातार असुविधा हो रही है, तब भी व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही?”
हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए राज्य शासन और परिवहन विभाग से पूछा कि पूरी सिटी बस सेवा आखिर कब तक पटरी पर लौटेगी।
ई-सिटी बस का वादा, हाईकोर्ट असंतुष्ट
शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही ई-सिटी बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि “बिलासपुर जैसा बड़ा शहर सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था का हकदार है, लेकिन यहां की हालत बेहद खराब है।”
कोर्ट का स्वतः संज्ञान, कड़ा रुख बरकरार
बिलासपुर की सिटी बस सेवा की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। इससे पहले अदालत ने परिवहन सचिव से शपथ पत्र सहित जवाब मांगा था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
जनता के लिए राहत की उम्मीद
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से उम्मीद है कि बिलासपुर शहर में लंबे समय से उपेक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में जल्द सुधार होगा। यात्रियों का कहना है कि बसों की कमी के कारण उन्हें महंगी ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।





