युक्तियुक्तकरण..सोन सरपंच ने बताया..मीडिल और हायर स्कूल में शिक्षकों का टोंटा..सैकड़ों छात्र को पढ़ा रहे मात्र दो टीचर
मीडिल और हायर सेकेन्डरी स्कूल में युक्तियुक्तकरण के बाद भी टोंटा

बिलासपुर—युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हो चूकी है। प्रक्रिया के बाद शासन प्रशासन ने दावा किया है कि अनुपात के अनुसार जिले के कमोबेश सभी स्कूलों में युक्तियुक्त करण से शिक्षकों की कमी को दूर कर लिया गया है। कलेक्टर ने भी दावा किया है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता का पूरा ख्याल रखा गया है। बावजूद इसके यदि किसी स्कूल में शिक्षक की कमी की जानकारी मिलती है…तो कमियों को दूर किया जाएगा। इसी क्रम में मस्तूरी ब्लाक के ग्राम सोन महिला सरपंच प्रतिनिधि और शिक्षकों ने जनदर्शन में अतिरिक्त कलेक्टर को बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद भी सोन स्थित स्कूलों में शिक्षकों का भयंकर टोंटा है। सोन वासियों ने अपनी शिकायत जिला शिक्षा विभाग पहुंचकर समस्या को पेश किया। बीईओ सोनवानी ने बताया कि जानकारी नहीं होने के कारण चूक हुई है। समस्या को जल्द ही दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
युक्तियुक्तकरण के बाद भी जिले के स्कूलों में शिक्षकों का टोंटा खत्म नहीं हुआ है। अतिशेष शिक्षक अभी भी जहां तहां जमे हुए है। ताजा मामला मस्तूरी ब्लाक के सोन गांव से सामने आया है। सोन गांव की महिला सरपंच तारा साहू, प्रतिनिधि मोतीराम और स्कूल शिक्षकों ने जनदर्शन में लिखित शिकायत कर मीडि़ल और हायरसेकेन्डरी स्कूल के लिए शिक्षक की मांग की है।
जनदर्शन में शिक्षक कमी की शिकायत
सोन सरपंच प्रतिनिधि मोती राम ने बताया कि सोन में मीडिल स्कूल समेत हायर सेकेन्डरी स्कूल का संचालन किया जाता है। मीडिल स्कूल में लम्बे समय से शिक्षकों का टोंटा है। लगातार शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मीडिल स्कूल में इस समय कुल 205 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। नियमानुसार स्कूल में एक प्रधानपाठक के साथ कुल सात शिक्षकों की व्यवस्था है। बावजूद इसके पिछले कई सालों से मात्र दो ही शिक्षक है। ऐसी स्थिति मे छात्रों के साथ घोर अन्याय है। मतलब मीडिल स्कूल को अभी पांच शिक्षकों की जरूरत है। उम्मीद थी कि युक्तियुक्तकरण के बाद समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज भी स्कूल में प्रधानपाठक का पद खाली है।
मोती राम ने जानकारी दिया कि कमोबेश यही स्थिति हायरसेकेन्डरी स्कूल की है। नियमानुसार हायर सेकेन्डरी स्कूल में प्रधानपाठक समेत कुल शिक्षकों की संख्या सात होनी चाहिए। लेकिन कई सालों से स्कूल में मात्र दो ही शिक्षक पढ़ाई करवा रहे हैं। प्राचार्य भी नहीं है। ऐसे में समझा जा सकता है कि छात्रों की पढ़ाई कैसे चलती होगी। इसके अलावा हायर सेकेन्डरी स्कूल से एक शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर आत्मानन्द स्कूल भेजा गया है।
सोन गांव के सरपंच,प्रतिनधि और शिक्षकों ने जिला शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत पेश किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि छात्रों और अभिभावकों की परेशानी को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
बीईओ ने बताया इसलिए हूई चूक
मस्तूरी बीईओ सोनवानी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के दौरान सोन गांव का नाम डिस्प्ले मे नहीं आया। ना ही जानकारी थी कि दोनो स्कूलों मे शिक्षकों का टोंटा है। मामले को जिला शिक्षा अधिकारी के सामने रखेंगे। जल्द से जल्द छात्रों की समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे।
मात्र एक शिक्षक मिला
सोनवानी ने बताया कि जानकारी नहीं होने के बाद भी एक शिक्षक सोन स्थित मीडिल स्कूल भेजा गया है। पता लगाएंगे कि आखिर स्कूलों में शिक्षकों की कमी की जानकारी क्यों नहीं दी गयी। जिला शिक्षा अधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।
करेंगे विरोध
सोन महिला सरपंच ने कहा कि यदि छात्रों की समस्या को दूर नहीं किया गया तो ग्रामीणो के साथ विरोध करेंगे। सड़क पर उतरकर छात्रों के भविष्य के लिए उग्र आंदोलन भीन करेंगे। जरूरत पड़ी तो अधिकारियों का घेराव करेंगे और कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन भी करेंगे।





