भारतीय इतिहास में 1942 का वर्ष महत्वपूर्ण है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 8 अगस्त को ही देश से अंग्रेजों भारत छोड़ने का प्रस्ताव दिया था आंदोलन का असर छत्तीसगढ़ में भी हुआ । 9 अगस्त 1942 को पूरे देश में एक उग्र आंदोलन हुआ। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं –  पं रवि शंकर शुक्ला,लक्ष्मी नारायण दास,डॉक्टर खूब चंद बघेल आदि को मलकापुर रेलवे स्टेशन पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया ।बिलासपुर स्थित शा बहु उ मा शाला दयालबंद के निकट गांधी चौक में नव जवानो की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई।
गगन भेदी नारे भारत माता की जय- वंदे मातरम, आदि नारों से शहर गूंज उठा ।बिलासपुर के सभी वरिष्ठ आंदोलनकारी रात में ही गिरफ्तार कर लिए गए थे । अब इस आंदोलन की जवाबदारी नौजवान सेनानियों ने संभाल रखी थी । दल नायक चित्रकांत जायसवाल ने गवर्नमेंट स्कूल में यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराने का उत्तरदायित्व छात्र गंगा प्रसाद वाजपेयी को दिया I उस वक्त छात्र गंगा प्रसाद बाजपेयी की उम्र मात्र 13 वर्ष 4 माह 22 दिनों की थी । बड़े जोश उमंग के साथ 10 -12 स्कूली छात्रों दयाशंकर दुबे,पी जनार्दन नायडू,हरसेवक सिंह परिहार,बसीर अहमद,लक्ष्मी नारायण दुआ.श्रीकांत वर्मा,सुरेश तिवारी,मंगल भाई,फागूराम ताम्रकार,छेदी लाल सिंह,रामेश्वर प्रसाद साहू,राजाराम साहू आदि के सहयोग से बालक गंगा प्रसाद ने तिरंगा फहराने की योजना बनाई  ।विद्यालय के पीछे लगे कतियापारा में मामा शिवभजन शुक्ला जी के मकान कृष्णा हवेली में योजना बनाकर छात्रावास के रास्ते पीछे सूनसान इलाक़े से भवन में चढ़ने का रास्ता बनाया ।  किसी को भनक भी नहीं लगी।
जूना बिलासपुर कतियापारा के रास्ते खेत खलियान पार कर भवन में चढ़ गये । जब तक स्कूल के बाहर खड़ी पुलिस फ़ोर्स समझ पाती तेज गती से यूनियन जैक उतारकर अंततः गंगा प्रसाद वाजपेयी ने अपने दल साथियों के साथ विद्यालय भवन में यूनियन जैक की जगह  देश का तिरंगा झंडा फहरा दिया । नीचे उतरने पर तत्कालीन प्राचार्य लाला दीनानाथ जी को इसकी जानकारी मिली । वह फौरन भवन के बाहर आकर इन सभी छात्रों को डांटना शुरू किया।
विद्यालय की बाउंड्री वाल के बाहर भारी पुलिस तैनात थी । छात्र गंगा प्रसाद सारी हरकतें देख रहे थे  ।प्राचार्य द्वारा छात्रों से कड़ा विरोध करने पर छात्र गंगा प्रसाद ने सड़क से ही मिट्टी पत्थर उठाकर मार दिया । जिससे प्राचार्य लाला दीनानाथ को सिर में चोट पहुंची  ।रक्त बहने लगा पुलिस तब तक विद्यालय परिषद में प्रवेश कर गई और इन सभी विद्यार्थियों को पकड़ लिया । प्राचार्य लाला दीनानाथ ने पुलिस फोर्स को विद्यालय परिषद से बाहर जाने का आदेश दिया । उनका कहना था यह घटना हमारे विद्यालय परिसरकी है, मैं इस समस्या का समाधान कर लूंगा  ।
लेकिन पूरे नगर में कर्फ्यू लगा हुआ था  ।अंग्रेजों के शासन में पूरा नगर बंद था  ।पुलिस फोर्स ने उनकी एक न बात सुनी और स्कूल के 12 -13 विद्यार्थियों को थाना सिटी कोतवाली पड़कर ले गई । ऐसे योद्धा थे विद्यालय के बालक गंगा प्रसाद …..।जो छोटी उम्र में भी महात्मा गांधी जी के नगर आगमन पर किसी तरह उनके निकट पहुंचे । उनसे ऑटोग्राफ मांगा था तब बापू ने कहा मैं देश की आजादी हेतु निकला हूं देश सेवा के लिए कुछ सहयोग लेकर ऑटोग्राफ देता हूं  ।गंगा प्रसाद ने बापू से आग्रह कर कहां बापू में बच्चा हूं मेरे पास आपको देने हेतु कोई पैसे नहीं है  ।मैं दिल से देश सेवा को तत्पर हूं । मेरे गले में एक गमछा रखा है मैं उसे ही भेंट कर आपका आपका ऑटोग्राफ चाहता हूं  ।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने छोटे बालक गंगा प्रसाद के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद देते हुए उन्हें अपना ऑटोग्राफ दे दिया । ऐसे थे बालक गंगा प्रसाद बाजपेयी । यह संस्मरण गंगा प्रसाद बाजपेयी जी ने खुद बिलासपुर प्रेस क्लब में सुनाए थे ।
चन्द्र प्रकाश बाजपेयी
पूर्व विधायक  9425526260