142 वाहन राजसात, 255 ऑनलाइन लिंक ब्लॉक—अपराध पर बहुआयामी वार
नक्सल मोर्चे पर 31 मार्च 2026 की डेडलाइन, समानांतर पुनर्वास की रणनीति

रायपुर.. राजधानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में गौवंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ऐसे मामलों में प्रयुक्त 142 वाहनों को राजसात किया जा चुका है और 27 वाहनों की नीलामी भी हो चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन और व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची तैयार कर 19 लोगों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए निगरानी खोली गई है।
नशे के कारोबार पर वित्तीय चोट
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में नशे के व्यापार के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई जारी है। आदतन आरोपियों पर निरोधात्मक आदेश जारी कर उनकी वित्तीय जांच की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ें खत्म की जा सकें। गांजा, नशीली दवाइयां, एमडीएमए, हेरोइन, ब्राउन शुगर और डोडा का नष्टीकरण किया गया है तथा संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।
जुआ और साइबर फ्रॉड पर शिकंजा
साइबर अपराध के खिलाफ राज्य में तेज कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े खातों को सीज किया गया है। फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस संचालकों पर अपराध दर्ज कर 165 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। म्यूल खातों के मामलों में बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। अनाधिकृत ऑनलाइन गैम्बलिंग प्लेटफॉर्म पर पहली बार बड़ी कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को ब्लॉक किया गया है।
साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर और धमतरी में साइबर थानों का संचालन शुरू किया गया है।
नक्सलवाद पर सख्त रुख, 31 मार्च लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय 31 मार्च 2026 की समय-सीमा के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार कार्य कर रही है। लोकतंत्र में बंदूक के दम पर भय फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
सरकार द्वारा पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है। बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान का भी उल्लेख किया गया। इलवद पंचायत योजना के तहत दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।
जेल सुधार की दिशा में पहल
राज्य की चार केंद्रीय जेल—रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर—को आईएसओ प्रमाणन प्राप्त हुआ है। केंद्रीय जेल अंबिकापुर में ‘सरगुजा स्कूल ऑफ आर्ट्स’ की स्थापना कर बंदियों को ड्राइंग, पेंटिंग और योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केंद्रीय जेल रायपुर में ‘उमंग-तरंग’ नाम से रेडियो स्टेशन संचालित किया जा रहा है।
बंदियों के कौशल विकास के लिए मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन, एलईडी बल्ब निर्माण और पेट्रोल पंप संचालन जैसे उद्योग भी शुरू किए गए हैं।





