बिलासपुर रेंज में पुलिसिंग का टर्निंग पॉइंट: IG गर्ग ने अफसरों को दिया साफ संदेश—अब देरी नहीं, सीधे कार्रवाई
QR कोड से लेकर साइबर प्रहरी तक: बिलासपुर रेंज में IG गर्ग का फुल कंट्रोल मोड ऑन

बिलासपुर….रेंज में पुलिसिंग के तौर-तरीकों को नए सिरे से धार देने की शुरुआत हो चुकी है। नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने शुक्रवार को रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और राजपत्रित अधिकारियों के साथ हाईब्रिड मोड में समीक्षा बैठक लेकर साफ कर दिया कि अब लापरवाही, ढिलाई और फाइलों में उलझी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में हर जिले की जमीनी स्थिति, अपराध का ट्रेंड और लंबित मामलों की वास्तविक तस्वीर सामने रखी गई। पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर आईजी ने सीधे सवाल किए और आगे की रणनीति तय की। संदेश साफ था—संज्ञेय अपराधों में देरी नहीं, शिकायत आते ही त्वरित और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आईजी गर्ग ने गंभीर अपराधों की विवेचना को लेकर गुणवत्ता और समयबद्धता पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल केस दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी विवेचना होनी चाहिए जो अदालत में टिके और दोषियों को सजा तक पहुंचाए। अभियोजन के साथ बेहतर समन्वय को भी उन्होंने प्राथमिकता में रखा।
संपत्ति संबंधी अपराधों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को लेकर रेंज स्तर पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए। ऐसे तत्वों की पहचान कर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर कठोर कार्रवाई करने के संकेत बैठक में साफ तौर पर मिले।
तकनीक के इस्तेमाल को लेकर आईजी गर्ग ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने अपराध की रोकथाम और पतासाजी के लिए विशेष मोबाइल एप्स और सॉफ्टवेयर के उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि गुमशुदा बच्चे, चोरी के वाहन और फरार अपराधियों की जानकारी समय पर मिल सके।
साइबर अपराध को लेकर भी बैठक में गंभीर चिंता दिखाई दी। “साइबर प्रहरी” अभियान के जरिए आम लोगों को जोड़कर जागरूकता बढ़ाने और जरूरी अलर्ट साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल अपराधों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
थानों की कार्यशैली को लेकर आईजी ने एक अहम बदलाव का संकेत दिया। अब थानों और चौकियों में आने वाले आम नागरिक और पीड़ित QR कोड स्कैन कर फीडबैक दे सकेंगे। इसका मकसद थानों को ज्यादा संवेदनशील और जवाबदेह बनाना बताया गया।
आगामी गणतंत्र दिवस को देखते हुए आईजी ने चाक-चौबंद सुरक्षा, सघन पेट्रोलिंग और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही यह चेतावनी भी स्पष्ट शब्दों में दी गई कि यदि किसी संगठित अपराध में पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई, तो उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। खासतौर पर औद्योगिक जिलों कोरबा और रायगढ़ में इस पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।
इस समीक्षा बैठक में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर बैठक ने यह संकेत दे दिया कि बिलासपुर रेंज में अब पुलिसिंग केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक, जवाबदेही और सख्ती के साथ जमीनी स्तर पर दिखेगी।





