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राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा बोले—पुराने लंबित मामलों को सुलह से निपटाएं

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के निर्देश लंबित मामलों की पहचान कर सुलह से निपटाने पर जोर

बिलासपुर… छत्तीसगढ़ में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर उच्च न्यायालय ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से बैठक लेकर राज्यभर के न्यायिक अधिकारियों को लंबित मामलों के अधिकतम निराकरण के लिए सक्रिय तैयारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालयों के न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और श्रम न्यायालयों के न्यायाधीश शामिल हुए।

इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरविंद सिंह चंदेल भी मौजूद रहे।

पुराने लंबित मामलों पर विशेष फोकस

बैठक में मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों से कहा कि वे विशेष प्रयास करते हुए अधिक से अधिक पुराने लंबित सिविल और आपराधिक सुलह योग्य मामलों की पहचान करें और उन्हें लोक अदालत में निपटाने की दिशा में पहल करें।

उन्होंने खास तौर पर महिलाओं से जुड़े विवाद, चेक बाउंस, बैंक ऋण तथा मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति जैसे मामलों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, ताकि इन मामलों का शीघ्र समाधान संभव हो सके।

पक्षकारों के बीच संवाद से समाधान 

मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पक्षकारों के साथ बैठक कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित करें। ऐसे मामलों में बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि समझौते के माध्यम से मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।

राज्य में एक साथ होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण NALSA के निर्देशानुसार वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को आयोजित होगी। इस दिन उच्च न्यायालय से लेकर जिला, तहसील और परिवार न्यायालयों सहित अन्य न्यायालयों में एक साथ लोक अदालत लगेगी।

इसमें सिविल और आपराधिक सुलह योग्य मामलों के साथ सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का भी निराकरण किया जाएगा।

राज्य में 41 लाख से ज्यादा मामलों की पहचान

जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक अदालत के लिए अब तक कुल 41,19,609 मामलों की पहचान की गई है। इनमें 40,21,821 प्री-लिटिगेशन मामले और 97,788 न्यायालयों में लंबित मामले शामिल हैं, जिनमें पक्षकारों के बीच सुलह की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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