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रेल बजट 7,470 करोड़ का, प्रेसवार्ता में झपकी लेते जिम्मेदार अफसर—कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन पर अब भी अनिश्चितता

7,470 करोड़ के रेल बजट की बात, प्रेसवार्ता में सोते रहे जोन कर्मचारी

बिलासपुर…केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के रेलवे जोन कार्यालयों में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता कर केंद्रीय बजट में रेलवे को मिले प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान अलग-अलग जोन और राज्यों के अनुसार रेलवे बजट की स्थिति रखी गई और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए गए।

रेल कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

रेल मंत्री ने बताया कि इस बजट में सात रेलवे कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन परियोजनाएं और रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। उनका दावा था कि यह बजट रेलवे को गति, क्षमता और आधुनिकता के नए दौर में ले जाने वाला है।

 जोन कार्यालय में डेढ़ घंटे चली प्रेसवार्ता

इसी क्रम में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे जोन कार्यालय, बिलासपुर में पत्रकार एकत्रित हुए। शाम करीब चार बजे शुरू हुई यह प्रेसवार्ता लगभग साढ़े पांच बजे तक चली। रेल मंत्री ने एक-एक कर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और छत्तीसगढ़ के लिए घोषित रेलवे बजट को ऐतिहासिक बताया।

छत्तीसगढ़ के लिए 7,470 करोड़ का बजट

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार छत्तीसगढ़ राज्य को कुल 7,470 करोड़ रुपये का रेलवे बजट दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह राशि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में कई गुना अधिक है। इस बजट में पहले से चल रही योजनाओं के साथ-साथ नई रेल लाइन, ट्रैक नवीनीकरण, डबल और चौथी लाइन तथा नए इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य शामिल हैं।

रफ्तार बढ़ेगी, नई पैसेंजर गाड़ियां चलेंगी—दावा

रेल मंत्री के अनुसार छत्तीसगढ़ में रेलवे में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। ट्रेनों की रफ्तार तेज होगी, नई पैसेंजर गाड़ियां चलेंगी और यात्रियों के लिए सुविधाएं आसान होंगी। डबल लाइन और अतिरिक्त लाइनों से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और वर्षों से लंबित भूमि विवादों का समाधान किया जाएगा।

महाप्रबंधक का दावा—क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनें बढ़ेंगी

प्रेसवार्ता के बाद दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक माथुर ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चार लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। बिलासपुर होते हुए रायपुर के आगे तक अतिरिक्त लाइन बिछाई जाएगी और दुर्ग से राजनांदगांव तक लाइन विस्तार किया जाना है। उनके अनुसार इन कार्यों से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में अधिक पैसेंजर ट्रेनें चलाना संभव होगा।

नई और पुरानी योजनाओं को पूरा भरोसा

महाप्रबंधक ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव के कई हिस्सों में चौथी लाइन बिछाने की योजना है। रावघाट-जगदलपुर और खरसिया-पलवल कसा जैसी परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत हैं और इन्हें तेजी से पूरा किया जाएगा। उनका कहना था कि बजट की कोई कमी नहीं है।

कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन पर अनिश्चितता

पत्रकारों ने लंबे समय से लटकी कटघोरा-राजनांदगांव-डोंगरगढ़ रेल लाइन की स्थिति पर सवाल उठाया। यह वही परियोजना है जिसका भूमिपूजन हो चुका है और जिसे लेकर केंद्रीय मंत्री टोकन साहू ने इस बजट में स्वीकृति मिलने का भरोसा दिलाया था।
इस पर जोन महाप्रबंधक ने बताया कि यह स्वीकृत परियोजना है, लेकिन इसका निर्माण छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से होना था। राज्य सरकार ने प्रस्ताव केंद्र को भेजा है, पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है।

विकास की बातों के बीच सिस्टम की नींद

करीब दो घंटे तक चली केंद्रीय रेल मंत्री की प्रेसवार्ता के दौरान एक विरोधाभासी दृश्य भी सामने आया। रेलवे जोन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी पूरे सत्र के दौरान बार-बार झपकी लेते और नींद से जूझते नजर आए। कई बार वे यह जताने का प्रयास करते दिखे कि वे जाग रहे हैं, जबकि पूरा कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से चल रहा था।

उम्मीदें बड़ी, मगर सवाल उससे भी बड़े

एक ओर 7,470 करोड़ के रेल बजट से छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव की उम्मीदें दिखाई गईं, वहीं दूसरी ओर उसी बजट की प्रस्तुति के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता ने कई सवाल खड़े कर दिए। जब नीति और बजट पर चर्चा के समय ही गंभीरता नजर नहीं आती, तो जमीनी स्तर पर योजनाओं के अमल को लेकर आशंकाएं स्वाभाविक हैं।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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