स्पेशल सर्विस’ के नाम पर दबाव, इनकार पर वेतन हड़प लिया: स्पा सेंटर में शोषण का गंभीर आरोप
बेहतर कमाई और सम्मानजनक नौकरी का भरोसा देकर उसे बिलासपुर बुलाया

बिलासपुर.. स्पा सेंटर की चमक-दमक के पीछे छिपे शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सत्यम चौक स्थित एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती ने आरोप लगाया है कि उससे अनैतिक कृत्यों के लिए दबाव बनाया गया और मना करने पर छह महीने की सैलरी रोक ली गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शहर के अन्य स्पा सेंटर भी रडार पर आ गए हैं।
पीड़िता मूल रूप से अंबिकापुर की रहने वाली है। उसका कहना है कि बेहतर कमाई और सम्मानजनक नौकरी का भरोसा देकर उसे बिलासपुर बुलाया गया था। शुरुआत में काम को मसाज और थैरेपी तक सीमित बताया गया, लेकिन कुछ समय बाद सेंटर की महिला संचालक और मैनेजर ने उस पर ग्राहकों को तथाकथित “स्पेशल सर्विस” देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। युवती ने जब साफ इनकार किया, तो उसका वेतन रोक दिया गया, जिससे वह आर्थिक तंगी में फंस गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर का संचालन पूजा डेकाल और नीरू तमंग नाम की महिलाओं द्वारा किया जा रहा था। दोनों नेपाल मूल की बताई जा रही हैं और फैमिली सैलून की आड़ में गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। आरोप है कि ग्राहकों से हजारों रुपये वसूले जाते थे, जबकि काम करने वाली युवतियों को तय हिस्सा भी पूरा नहीं दिया जाता था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसी तरह के हालात में अन्य युवतियों का शोषण तो नहीं हो रहा।
यह मामला सिर्फ एक स्पा सेंटर तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि शहर में तेजी से बढ़ रहे ऐसे प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि सुविधा और रोजगार के नाम पर आखिर कितनी युवतियों को खामोशी से मजबूर किया जा रहा है, और कब तक यह सब “सर्विस” की आड़ में चलता रहेगा।





