एक सीट खाली, कई दावेदार तैयार—वार्ड 29 में चुनावी जमीन गरम
सिर्फ एक वार्ड का चुनाव… या फिर सियासी ताकत की असली परीक्षा?

बिलासपुर… नगर निगम के वार्ड 29 संजय गांधी नगर में पार्षद उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू होते ही स्थानीय सियासत में हलचल तेज हो गई है। भले ही यह उपचुनाव एक वार्ड तक सीमित हो, लेकिन इसकी अहमियत इससे कहीं बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि यहीं से जमीनी समीकरण और राजनीतिक सक्रियता की दिशा तय होती नजर आएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि तहसीलदार बिलासपुर सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। वहीं, अपर कलेक्टर को अपीलीय अधिकारी बनाया गया है, जो दावे और आपत्तियों से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय देंगे।
चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 13 अप्रैल से होगी, जब मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। इसी दिन से दावे और आपत्तियों का दौर शुरू होगा, जो 20 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसके बाद 23 अप्रैल तक इनका निराकरण किया जाएगा। आगे की प्रक्रिया में 27 अप्रैल तक दावों का अंतिम निपटारा, 29 अप्रैल तक संशोधन और विलोपन की प्रविष्टियां, और 5 मई 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन तय किया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर यह पूरी प्रक्रिया भले ही नियमित चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हो, लेकिन वार्ड स्तर पर इसकी गूंज अलग ही होती है। मतदाता सूची में नाम जुड़ना या कटना ही कई बार चुनावी परिणाम की दिशा तय कर देता है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी इस प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।





