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NEET SS Results 2025: NBEMS ने जारी किया NEET-SS 2025 का रिजल्ट

NEET SS 2025: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET-SS 2025 के परिणाम घोषित कर दिए हैं. DM, MCh और DrNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज में दाखिले के लिए जारी ये नतीजे NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर उपलब्ध हैं.

NEET SS Result 2025: मेडिकल क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी कोर्स की तैयारी कर रहे डॉक्टरों के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET सुपर स्पेशियलिटी (NEET-SS) 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है.

यह रिजल्ट एकेडमिक सेशन 202526 के लिए DM, MCh और DrNB सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज में दाखिले के लिए जारी किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाकर देख सकते हैं.

NEET-SS 2025 की परीक्षा 26 और 27 दिसंबर 2025 को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. यह परीक्षा भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी होती है. परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवार लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे जो अब खत्म हो गया है.

NBEMS ने साफ किया है कि रिजल्ट ऑनलाइन मोड में जारी किया गया है और उम्मीदवार अपने लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल करके इसे देख सकते हैं.

वेबसाइट पर रिजल्ट देखने के लिए डायरेक्ट लिंक भी एक्टिव कर दिया गया है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्राप्त अंकों और क्वालिफिकेशन स्टेटस को ध्यान से जांच लें क्योंकि इन्हीं मार्क्स के आधार पर आगे काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट की प्रोसेस की जाएगी.

NBEMS ने इस साल ग्रुप-वाइज कट-ऑफ भी जारी की है. अलग-अलग क्वेश्चन पेपर ग्रुपों के लिए कट-ऑफ अलग तय की गई है. उदाहरण के तौर पर एनेस्थीसियोलॉजी ग्रुप के लिए कट-ऑफ 284, क्रिटिकल केयर मेडिसिन के लिए 288, ईएनटी और ऑर्थोपेडिक्स के लिए 294, जबकि माइक्रोबायोलॉजी ग्रुप में सबसे ज्यादा 389 अंक की कट-ऑफ रही है. इसी तरह रेडियोडायग्नोसिस के लिए 356 और ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी के लिए 355 अंक तय किए गए हैं.

NBEMS ने यह भी जानकारी दी है कि परीक्षा के बाद सभी क्वेश्चन पेपरों की गहन समीक्षा की गई. संबंधित विषयों के विशेषज्ञों और फैकल्टी सदस्यों ने हर सवाल और उसके उत्तर की दोबारा जांच की, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी गलती न रहे.

अगर किसी क्वेश्चन में तकनीकी गलती पाई गई, तो उस क्वेश्चन के पूरे अंक सभी उम्मीदवारों को दिए गए हैं, चाहे उन्होंने वह सवाल हल किया हो या नहीं. यह प्रोसेस निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनाई गई.

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