Mp school News: शिक्षा की नई अलख: स्कूल छोड़ चुकी बेटियों के लिए शुरू होगा सरस्वती अभियान

Mp school News।भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने स्कूल छोड़ चुकी बेटियों को भविष्य की नई दिशा दिखाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत ‘सरस्वती अभियान’ शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी अभियान का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव 10 मार्च 2026 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में करेंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लड़कियों को वापस शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है, जिन्होंने सामाजिक, पारिवारिक या आर्थिक तंगहाली के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी।
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लड़कियां 8वीं, 10वीं या 12वीं की दहलीज पार करने से पहले ही स्कूल से दूर हो जाती हैं। ‘सरस्वती अभियान’ के तहत ऐसी बालिकाओं की पहचान करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें राज्य ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से नामांकित कर सीधे बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।
पढ़ाई से दूर हो चुकी बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें परीक्षा के लिए तैयार करने हेतु सरकार कई सुविधाएं प्रदान करेगी:
अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन: नामांकित छात्राओं को निःशुल्क किताबें और शैक्षणिक सामग्री दी जाएगी।
संपर्क कक्षाएं: परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग और संपर्क कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
परामर्श (Counselling): छात्राओं और उनके परिवारों के लिए लगातार परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
अभियान के सफल क्रियान्वयन से न केवल बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और ‘ड्रॉप-आउट’ दर में कमी आएगी, बल्कि यह बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में भी एक प्रभावी अस्त्र साबित होगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद ये लड़कियां रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी, जिससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नई गति मिलेगी।





