गिरफ्तारी के बाद घर में मातम, मां की अंतिम विदाई के लिए बेटे को मिली पैरोल
गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद मां की तबीयत बिगड़ी, देर रात निधन

कोरबा… कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामणी वार्ड क्रमांक 10 में बुधवार को एक ही परिवार ने कुछ घंटों के अंतराल में कानूनी कार्रवाई और निजी शोक—दोनों का सामना किया। शनि मंदिर के पास रहने वाले अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद उसकी 45 वर्षीय मां सावित्री श्रीवास की तबीयत अचानक बिगड़ी और देर रात उनका निधन हो गया। वह पूर्व से अस्वस्थ बताई जा रही थीं।
मोहल्ले में शोक, पैरोल की उठी मांग
सुबह घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में बस्तीवासी और वार्ड पार्षद मृतका के घर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि बेटे को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अस्थायी रूप से रिहा किया जाए। इसी मांग को लेकर वार्डवासी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और संवेदनशील निर्णय की अपील की।
प्रक्रिया के बाद मानवीय पहल
मामले की जानकारी मिलते ही सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और स्थानीय लोगों से चर्चा कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई। औपचारिकताओं के बाद अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा कर घर लाया गया, जहां उसने अपनी मां के पार्थिव शरीर के दर्शन किए।
मोती सागर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार
इसके बाद वह मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा और विधिवत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कानून और संवेदना के बीच संतुलन
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि कानून की प्रक्रिया अपने स्थान पर है, लेकिन मानवीय संवेदना भी प्रशासनिक निर्णयों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। गिरफ्तारी की कार्रवाई और उसके तुरंत बाद हुए पारिवारिक शोक के बीच लिया गया यह निर्णय इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।





