सरकारी ज़मीन पर टकराव का अंजाम:6 और गिरफ्तार, अब तक 21 आरोपी जेल में
अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और कानून व्यवस्था भंग करने के मामलों में सख्त रुख

बलरामपुर..( पृथ्वी लाल केशरी)… रामचंद्रपुर में शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए विवादित घटनाक्रम में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक कुल 21 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की लगातार दबिश के बाद फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बालक छात्रावास की जमीन पर हुआ था विवाद
मामला बालक छात्रावास रामचंद्रपुर की शासकीय भूमि से जुड़ा है। 9 दिसंबर 2025 को राजस्व विभाग की टीम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश के पालन में अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंची थी। टीम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी और अन्य कर्मचारी शामिल थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, अधिकारियों को लगभग दो घंटे तक घेरकर रखा गया और विरोध स्वरूप सड़क जाम कर दी गई, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ अपराध
घटना के संबंध में 11 दिसंबर 2025 को तहसीलदार अश्वनी चंद्रा की लिखित शिकायत पर थाना रामचंद्रपुर में अपराध क्रमांक 54/2025 दर्ज किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई।
पहले 15, अब 6 और आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद कई आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने 9 फरवरी 2026 को 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी क्रम में 11 फरवरी 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद बक्स , माहताब अंसारी , रिजवान अंसारी , अलीबक्स अंसारी , इब्राहिम अंसारी और नूर मोहम्मद शामिल हैं। सभी आरोपी रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
पूछताछ और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जांच जारी, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
थाना रामचंद्रपुर पुलिस के अनुसार प्रकरण की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि शासकीय कार्य में बाधा, अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और कानून व्यवस्था भंग करने के मामलों में सख्त रुख अपनाया जाएगा।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी भूमि और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में हिंसक या अवैध तरीके अपनाने वालों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता रहेगा।





