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Madhya Pradesh

चारदीवारी में खून बहाने की कीमत उम्रकैद: अदालत का सख्त संदेश—हिंसा को कोई माफी नहीं

जबलपुर…घरेलू विवाद की आड़ में रिश्तों को रौंदते हुए हत्या तक पहुंचने वाले आरोपी को अदालत ने यह साफ संदेश दिया है कि निजी गुस्सा, पारिवारिक कलह या आवेश—किसी भी हाल में जघन्य अपराध का बहाना नहीं बन सकता। पाटन स्थित अपर सत्र न्यायालय ने थाना चरगंवा के सनसनीखेज हत्या प्रकरण में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

बहुचर्चित प्रकरण में कठोर फैसला

 अदालत ने आरोपी कल्याण सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा धारा 307 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 324 में छह माह का कारावास तथा संबंधित धाराओं में अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की हिंसा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को झकझोरने वाला अपराध है।

घरेलू हिंसा से हत्या तक की खौफनाक रात

अभियोजन के अनुसार, 29 दिसंबर 2020 को ग्राम हीरापुर से झगड़े की सूचना मिलने पर थाना चरगंवा पुलिस सक्रिय हुई। फरियादी पन्नालाल ने बताया कि उसकी चचेरी बहन गुड्डी बाई का विवाह आरोपी से हुआ था और लंबे समय से घरेलू विवाद व मारपीट का सिलसिला चल रहा था। 28 दिसंबर की रात भी बेरहमी से की गई मारपीट ने हालात को विस्फोटक बना दिया।

कुछ देर बाद आरोपी के पुत्र द्वारा पिता के जहरीली दवा पी लेने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात शांत होने के बजाय और भयावह हो गए। आरोपी अचानक उग्र हुआ, लोहे की कुल्हाड़ी उठाई और जानलेवा हमला शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने आए लोगों पर ताबड़तोड़ वार किए गए। भागते समय रज्जू के गिरते ही आरोपी ने उसकी गर्दन और सिर पर कई वार कर मौके पर ही हत्या कर दी।

पुख्ता विवेचना बनी सजा की नींव

घटना के बाद थाना चरगंवा में अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाह और परिस्थितिजन्य प्रमाणों को जिस सटीकता से जोड़ा गया, वही अभियोजन की मजबूती बना। अदालत ने समस्त साक्ष्यों का गहन परीक्षण करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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