पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव याचिका पर होगी सुनवाई, तकनीकी आपत्ति खारिज
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से कोर्ट में याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज करने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि याचिका में कानूनी खामियां हैं, इसलिए इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट के जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि याचिका में पर्याप्त सामग्री है और सुनवाई जारी रहनी चाहिए।

बिलासपुर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के खिलाफ दायर चुनाव याचिका (Election Petition) को खारिज करने की उनकी तकनीकी आपत्ति को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका में पर्याप्त तथ्यों और सामग्री की मौजूदगी है, इसलिए इसे इस स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता।
दरअसल, Chhattisgarh के पाटन विधानसभा क्षेत्र (Patan Assembly) से कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी और दुर्ग सांसद Vijay Baghel ने एक चुनाव याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) और चुनाव आयोग (Election Commission) के निर्देशों की अवहेलना की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया कि भूपेश बघेल ने चुनाव जीतने के लिए भ्रष्ट आचरण (Corrupt Practices) अपनाए। इस संबंध में याचिकाकर्ता विजय बघेल ने कोर्ट में साक्ष्य और दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने मांग की है कि भूपेश बघेल का निर्वाचन रद्द किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से कोर्ट में याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज करने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि याचिका में कानूनी खामियां हैं, इसलिए इसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट के जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि याचिका में पर्याप्त सामग्री है और सुनवाई जारी रहनी चाहिए।
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जून 2025 की तारीख तय की है। यह मामला राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यदि याचिका में लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री की विधायकी भी खतरे में पड़ सकती है।





