महिला अधिकारी 15000 की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

इंदौर जिले की महू (डॉ. अंबेडकर नगर) तहसील में लोकायुक्त पुलिस ने आज एक बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर लोकायुक्त ने शुक्रवार दोपहर ( 10 अप्रैल 2026 ) महू जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री (सब-इंजीनियर) सावित्री मुवेल को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह रिश्वत विकास कार्यों के भुगतान के एवज में मांगी गई थी। यह कार्रवाई लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देश पर अंजाम दी गई।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला महू ग्राम पंचायत के यशवंत नगर का है। पंचायत सचिव रमेशचंद्र चौहान ने इंदौर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15वें वित्त आयोग की निधि से लगभग 4.52 लाख रुपये की लागत से एक सीसी रोड का निर्माण किया गया था।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसके भुगतान के लिए ‘भौतिक सत्यापन’ और ‘माप पुस्तिका’ (MB) में मूल्यांकन दर्ज करना अनिवार्य होता है। इस काम के लिए उपयंत्री सावित्री मुवेल 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी और बिना रकम दिए मूल्यांकन दर्ज करने से इनकार कर दिया गया, जिससे भुगतान अटक गया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले का सत्यापन किया गया और सही पाए जाने पर एसपी लोकायुक्त ने आरोपित को रंगेहाथ पकड़ने के लिए ट्रैप दल का गठन किया।
योजना के अनुसार, शुक्रवार दोपहर शिकायतकर्ता को उपयंत्री के पास रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया जैसे ही उपयंत्री ने पैसे लेने के लिए हाथ बढ़ाया वैसे ही एसपी की टीम ने पीछे से आकर उपयंत्री को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक रेनू अग्रवाल, आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक शैलेंद्र बघेल, मनीष माथुर, श्रीकृष्णा अहिरवार समेत महिला आरक्षक गायत्री और अर्चना की अहम भूमिका रही।
बता दें कि इंदौर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों में लोकायुक्त की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 7-8 अप्रैल को लोक निर्माण विभाग (PWD) के 2 अधिकारियों को 90 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।





