समझाइश का असर: फिर गूंजा हथौड़ा, अधूरे घरों में लौटी उम्मीद
महीनों से ठंडे बस्ते में पड़े निर्माण कार्यों में अब फिर से हलचल

बिलासपुर…प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत होकर भी महीनों से ठंडे बस्ते में पड़े निर्माण कार्यों में अब फिर से हलचल दिखाई देने लगी है। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के निर्देश के बाद ग्राम पंचायतों ने हितग्राहियों से लगातार संवाद किया, समझाइश दी और प्रेरित किया—जिसका असर अब जमीन पर नजर आ रहा है।
तखतपुर विकासखंड के ग्राम भरारी में वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आवास के हितग्राही विजय कुमार उजागर का मकान लंबे समय से प्लिंथ स्तर से आगे नहीं बढ़ पा रहा था। पंचायत प्रतिनिधियों और आवास मित्र की सतत पहल के बाद अब निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ है और केंद्र स्तर तक पहुंच चुका है। निर्माण में दिखाई गई सक्रियता और गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत ने उन्हें श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।
इसी तरह गांव के अन्य हितग्राही—दीना राम यादव, सावित्री बाई, कमलेश निर्मलकर, बलि राम और सरस्वती—जिनके आवास निर्माण कार्य तीन से चार महीने से रुके हुए थे, उन्होंने भी पुनः निर्माण शुरू कर दिया है। पंचायत ने इन सभी का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतीकात्मक सम्मान किया और समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने का आग्रह किया।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन और नियमित निगरानी के माध्यम से सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे शीघ्र ही अपने पक्के घर में प्रवेश कर सकें।
ग्रामीणों का मानना है कि संवाद और सकारात्मक पहल से योजनाएं कागज से निकलकर हकीकत में बदलती हैं। भरारी गांव में अब अधूरे ढांचे फिर से आकार ले रहे हैं—और उनके साथ लौट रही है अपने घर की छत की उम्मीद।





