gaming app winzzo-गेमिंग ऐप पर ED का बड़ा एक्शन, 3500 करोड़ की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
ईडी ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि विंजो के निदेशकों और सहयोगियों ने जानबूझकर अपराध की कमाई को इकट्ठा करने और उसे छिपाने की साजिश रची। यह मामला पीएमएलए की धारा 3, 70 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की श्रेणी में आता है।

gaming app winzzo/ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में खुद को पारदर्शी बताने वाले मशहूर गेमिंग ऐप ‘विंजो’ (WinZO) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत विंजो प्राइवेट लिमिटेड, इसके निदेशकों पावन नंदा और सौम्या सिंह राठौर, तथा इसकी सभी सहायक कंपनियों के खिलाफ विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी ने ‘रियल मनी गेम्स’ के नाम पर न केवल करोड़ों की धोखाधड़ी की, बल्कि अवैध रूप से कमाई गई राशि को विदेशी शेल कंपनियों के जरिए बाहर भी भेजा।
इस कार्रवाई की नींव बेंगलुरु, राजस्थान, दिल्ली और गुड़गांव में दर्ज कई एफआईआर पर टिकी थी, जिनमें धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान ईडी ने नवंबर और दिसंबर 2025 में कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए थे।
इस दौरान लगभग 690 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और क्रिप्टो वॉलेट को भी फ्रीज किया गया है। विंजो ऐप, जो 100 से अधिक गेम्स और 25 करोड़ उपयोगकर्ताओं का दावा करता है, पर आरोप है कि उसने अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बताने के बावजूद पर्दे के पीछे बड़े पैमाने पर गेम्स को मैनिपुलेट किया।gaming app winzzo
ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कंपनी वास्तविक खिलाड़ियों के खिलाफ बॉट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही थी। शुरुआती दौर में उपयोगकर्ताओं को छोटे बोनस और आसान जीत का लालच दिया जाता था ताकि उनका भरोसा जीता जा सके।gaming app winzzo
लेकिन जैसे ही खिलाड़ी बड़े दांव (Bets) लगाना शुरू करते, कंपनी ‘हार्ड बॉट्स’ के जरिए उन्हें हरा देती थी। इस धोखाधड़ी से उपयोगकर्ताओं को लगभग 734 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ। इतना ही नहीं, जब कुछ खिलाड़ियों ने बड़े दांव जीते, तो कंपनी ने उनकी निकासी (Withdrawal) पर रोक लगा दी। जांच में यह भी पाया गया कि निष्क्रिय खिलाड़ियों के डेटा का उपयोग असली खिलाड़ियों को धोखा देने के लिए उनकी सहमति के बिना किया गया।
वित्तीय आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच कंपनी ने लगभग 3522.05 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।
इस धोखाधड़ी का सबसे बुरा असर गरीब पृष्ठभूमि वाले उन उपयोगकर्ताओं पर पड़ा, जिन्हें गंभीर वित्तीय और मानसिक संकट का सामना करना पड़ा। इस काली कमाई को सफेद करने के लिए कंपनी ने अमेरिका और सिंगापुर में स्थित शेल कंपनियों का सहारा लिया और लगभग 55 मिलियन अमेरिकी डॉलर विदेशी बैंक खातों में डाइवर्ट कर दिए। इसके अलावा, कंपनी ने ऑडिट और वैध प्रमाण पत्रों के अभाव में भी बड़ी रकम विदेश भेजने के असफल प्रयास किए।
ईडी ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि विंजो के निदेशकों और सहयोगियों ने जानबूझकर अपराध की कमाई को इकट्ठा करने और उसे छिपाने की साजिश रची। यह मामला पीएमएलए की धारा 3, 70 और 4 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की श्रेणी में आता है।





