यूरोपीय संसद में गूंजेगा छत्तीसगढ़ भारत–यूरोप सभ्यतागत संवाद में पेशीराम जायसवाल को बुलावा
EU संसद में भारत की भागीदारी, छत्तीसगढ़ से पेशीराम जायसवाल को आमंत्रण

ब्रुसेल्स / नई दिल्ली / बिलासपुर…भारत और यूरोप के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ से भारतीय जनता पार्टी के आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक पेशीराम जायसवाल (डड़सेना) को आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम 18 फरवरी 2026 को यूरोपीय संसद, ब्रुसेल्स में आयोजित होगा।
आमंत्रण पोलैंड के यूरोपीय संसद सदस्य ग्रेज़ेगॉर्ज ब्राउन की ओर से भेजा गया है, जो विदेश मामलों की समिति (AFET) के सदस्य और पोलिश क्राउन कन्फेडरेशन पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्र में उल्लेख है कि सम्मेलन “A New Opening: Prospects for Economic and Cultural Exchange within the EU–Asia Civilizational Dialogue” विषय पर केंद्रित होगा।
भारत–यूरोप संवाद पर फोकस
सम्मेलन में पोलैंड की संसद (सेजम) के सदस्य, विभिन्न यूरोपीय संघ देशों के सांसद (MEPs) तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य यूरोप और एशिया के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत सहयोग की संभावनाओं पर विमर्श करना है।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान राजनीतिक दलों के स्तर पर द्विपक्षीय संवाद की संभावनाओं पर भी चर्चा प्रस्तावित है।
गुरु रविदास जयंती का सांस्कृतिक आयाम
इसी अवसर पर ब्रिटिश रविदास हेरिटेज फाउंडेशन के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन का फोकस सामाजिक समरसता, समानता और मानव गरिमा के संदेश को अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करना रहेगा।
कार्यक्रम में भारत से कुछ राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी है, जिनमें भाजपा से जुड़े पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक और कूटनीतिक संदर्भ
यह आमंत्रण ऐसे समय में आया है जब भारत–यूरोप संबंध व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और सांस्कृतिक कूटनीति के नए आयाम तलाश रहे हैं। सम्मेलन का विषय भी इसी व्यापक संवाद को प्रतिबिंबित करता है।
पेशीराम जायसवाल इससे पहले रूस में आयोजित वर्ल्ड यूथ फेस्टिवल (2017 और 2024) में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी पूर्व सहभागिता को इस आमंत्रण के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश स्तर पर प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक हलकों में इस आमंत्रण को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। इसे प्रदेश के एक राजनीतिक कार्यकर्ता की अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी के रूप में लिया जा रहा है।
हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में सहभागिता का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि संवाद किस स्तर तक ठोस सहयोग में परिवर्तित होता है।





