CG Vidhansabha: बजट सत्र में गूंजा घुमंतू पशुओं का मुद्दा
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पशु संरक्षण और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। घुमंतू पशुओं के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की चुनौती तक दे डाली।

CG Vidhansabha/रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान आवारा और घुमंतू पशुओं के संरक्षण का मुद्दा गरमाया रहा।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने राज्य में पशुओं के रख-रखाव के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर सवाल उठाए और मंत्री द्वारा दी गई जानकारियों को अपर्याप्त बताते हुए सरकार पर कड़ा प्रहार किया।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सवाल किया कि राज्य में घुमंतू पशुओं के संरक्षण के लिए कौन सी योजनाएं प्रभावी हैं।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने उत्तर देते हुए बताया कि ‘आदर्श गोधाम’, ‘गोकुल धाम’ और ‘गौ अभ्यारण’ जैसी योजनाएं संचालित हैं। मंत्री ने जानकारी दी कि गोधाम योजना के तहत वर्तमान में 620 पशुओं के संरक्षण की व्यवस्था की गई है और कई स्थानों पर कार्य प्रक्रियाधीन है।
विपक्ष ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल 620 पशुओं के लिए व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। विधायक निषाद ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:
“आप लोगों ने गौमाता के नाम पर वोट मांगा है, तो अब उन्हें राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाना चाहिए।”
गोठानों के संचालन पर सवाल
मंत्री नेताम ने बताया कि 36 गोठानों में गौधाम की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। हालांकि, विधायक ने जब यह पूछा कि ये गोठान कहां संचालित हैं, तो मंत्री ने बताया कि वर्तमान में तखतपुर (बिलासपुर), साजा (बेमेतरा) और राजपुर (मरवाही) सहित कुल 11 जगहों पर गोठान स्वीकृत हैं, जिनमें से 3 जगह कार्य संचालित है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि संरक्षण विभाग का काम है, जबकि रख-रखाव की जिम्मेदारी अलग स्तर पर होती है।
मुंगेली के किसानों के लिए कृषि उपकरणों और बीजों का ब्यौरा
इससे पहले, वरिष्ठ विधायक पुन्नू लाल मोहले ने मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने फसल उत्पादन, नई किस्म के प्रमाणित बीजों के वितरण और उन्नत कृषि उपकरणों पर हुए खर्च का ब्यौरा मांगा।
मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को अवगत कराया कि मुंगेली और पथरिया विकासखंड में वर्ष 2023 से 2026 तक एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन तकनीक और उन्नत कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई तकनीकों और प्रमाणित बीजों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।




