CG News: गांजा तस्करी रैकेट में बसना थाने का आरक्षक शामिल; पुलिस ने 2 को पकड़ा, फरार सिपाही की तलाश जारी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि एक मार्च को बसना थाना में पदस्थ आरक्षक पीयूष शर्मा और अखराभांठा निवासी धर्मेंद्र सोनी ने उसे करीब 18 किलोग्राम गांजा लाकर दिया था। इसके आधार पर सांकरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र सोनी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरक्षक पीयूष शर्मा फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

Cg news।महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस विभाग उस समय सख्ते में आ गया जब गांजा तस्करी के एक मामले में खुद एक पुलिस आरक्षक की संलिप्तता उजागर हुई। सांकरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई में एक सिपाही सहित तीन लोगों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS) के तहत अपराध दर्ज किया है।
इस मामले में ओडिशा के एक तस्कर और स्थानीय सहयोगी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि आरोपी आरक्षक पीयूष शर्मा (बसना थाना) फरार बताया जा रहा है। महासमुंद के एडिशनल एसपी ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है।
3 मार्च की कार्रवाई से खुला राज
मिली जानकारी के अनुसार, सांकरा पुलिस ने 3 मार्च 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर ओडिशा के बरगढ़ जिले के जगदलपुर निवासी टीटू उर्फ सोलन दास (38) को एक स्कूटी के साथ पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से पीले रंग के कैरी बैग में करीब 4.87 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टीटू ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए।
आरक्षक ने ही लाकर दिया था गांजा
आरोपी टीटू ने पुलिस को बताया कि 1 मार्च को बसना थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष शर्मा और अखराभांठा निवासी धर्मेंद्र सोनी ने उसे बेचने के लिए करीब 18 किलोग्राम गांजा लाकर दिया था। इस सनसनीखेज खुलासे के आधार पर सांकरा पुलिस ने आरक्षक पीयूष शर्मा और धर्मेंद्र सोनी को भी मामले में आरोपी बनाया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धर्मेंद्र सोनी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आरक्षक पीयूष शर्मा को भनक लगते ही वह फरार हो गया।
11 लाख का माल जब्त, सिपाही की बुलेट भी शामिल
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 18 किलो 47 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 9 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा, एक बिना नंबर की स्कूटी (कीमत करीब 80 हजार रुपए), फरार आरक्षक पीयूष शर्मा की रॉयल एनफील्ड बुलेट (कीमत लगभग 1 लाख रुपए) और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त की गई कुल सामग्री की कीमत लगभग 11 लाख 5 हजार रुपए है।
दो माह में दूसरा मामला: पुलिस की छवि पर सवाल
महासमुंद जिले में पुलिसकर्मियों का गांजा तस्करी में नाम आना यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब दो माह पहले भी रक्षित केंद्र (लाइन) में पदस्थ आरक्षक चंद्रशेखर साहू को शिवरीनारायण पुलिस ने 15.700 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था, जिसे 6 फरवरी को एसपी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया था। लगातार पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से विभाग की छवि धूमिल हो रही है और पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, सांकरा पुलिस फरार आरक्षक पीयूष शर्मा की सरगर्मी से तलाश कर रही है।





