Atmanand School Pre-Primary Classes, स्वामी आत्मानंद स्कूल: प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भविष्य पर संशय? मंत्री ने सदन में बताया क्यों हटाए जा रहे शिक्षक और क्या है सरकार का प्लान

Atmanand School Pre-Primary Classes।रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं और उनमें कार्यरत शिक्षकों के भविष्य को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सवालों का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ (DMF) नियमों में बदलाव और फंड की कमी के कारण वर्तमान व्यवस्था प्रभावित हुई है।Atmanand School Pre-Primary Classes
सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने आंकड़ों को लेकर मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 403 आत्मानंद स्कूलों की जानकारी दी है, जबकि मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में 751 स्कूलों का जिक्र किया था। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि दोनों आंकड़े सही हैं। प्रदेश में 348 हिंदी माध्यम और शेष 403 अंग्रेजी माध्यम के आत्मानंद स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, जिन्हें मिलाकर कुल संख्या 751 होती है।
डॉ. महंत ने बिलासपुर में 18 और बेमेतरा में 4 प्री-प्राइमरी शिक्षकों को नौकरी से निकाले जाने का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में इन कक्षाओं का संचालन डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) और अन्य स्थानीय मदों से किया जा रहा था।
मंत्री ने दो मुख्य कारण गिनाए:
- DMF नियमों में बदलाव: अब डीएमएफ फंड के उपयोग के नियमों में कड़ाई की गई है, जिससे इन कक्षाओं के संचालन में वित्तीय दिक्कतें आ रही हैं।
- वित्त विभाग की अनुमति: वित्त विभाग से इन मदों के निरंतर उपयोग की अनुमति फिलहाल नहीं मिल पाई है।
हालांकि, मंत्री ने आश्वस्त किया कि जहाँ वर्तमान में कक्षाएं चल रही हैं, उन्हें बंद नहीं किया गया है, लेकिन नए शैक्षणिक सत्र से इनके संचालन के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत सरकार प्रदेश में व्यापक स्तर पर 11,000 बालवाटिकाएं शुरू करने जा रही है। आत्मानंद स्कूलों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य 38,000 सरकारी स्कूलों में भी बालवाटिकाओं का संचालन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की नींव मजबूत की जाए।
सदन में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बड़ी संख्या में व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया गया है। जिन स्कूलों में अभी भी पद रिक्त हैं, वहां जल्द ही नियमित प्राचार्यों की पोस्टिंग कर दी जाएगी।Atmanand School Pre-Primary Classes





