BilaspurChhattisgarh

3 बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई…गायत्री और राज कन्स्ट्रक्शन का विकास अनुज्ञा निरस्त…जिला प्रसासन ने दिया TNC को आदेश

जांच पड़ताल के बाद विकास अनुज्ञा रद्द का आदेश

बिलासपुर—जिला प्रशासन ने जांच पड़ताल और सुनवाई के बाद शहर के दो नामचीन बिल्डरों की तीन साइट में बनाए जा रहे कालोनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने टीएनसी को पत्र लिखकर तीन अलग अलग ठिकानों में बनाए जा रहे कालोनियों को रोक दिया है। प्रशासन ने गायत्री कंस्स्ट्रक्शन और राज कन्ट्रक्शन का विकास अनुज्ञा रद्द किए जाने का आदेश दिया है। कार्रवाई से तीनों बिल्डर के होश पाख्ता हैं।

        जिला प्रशासन ने लगातार मिल रही शिकायत के बाद दो बिल्डरों के कालोनी विकास लायसेंस रद्द करने का आदेश दिया है। टीएनसी को पत्र लिखकर विकास अनुज्ञा अनुमति को निरस्त करने को कहा है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बिजौर ग्राम स्थित जमीन पर पर गायत्री कन्ट्रक्शन कालोनी का निर्माण  कर रहा है। इस बीच जिला प्रशासन को जानकारी मिली कि बिल्डर ने कालोनी के लिए शासकीय जमीन पर कब्जा कर रास्ता निकाला है। जबकि शासन की यह महत्वपूर्ण जमीन है। बिल्डर की तरफ से किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं दी गयी है।

          बताते चलें कि नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से नक्शा स्वीकृत होने से पहले बिल्डर को सारी जानकारी देनी होती है। बावजूद इसके गायत्री कन्स्ट्रक्शन की तरफ से वस्तुस्थिति को छिपाया गया। टीएनसी को अन्धेरे में रखकर बिल्डर ने नक्शा स्वीकृत कराया है। वास्तविक स्थिति यह है कि बिल्डर की तरफ से अपनी जमीन से कालोनी का रास्ता भी नहीं दिया गया है। सरकारी जमीन पर कब्जा कर बिल्डर ने कालोनी वासियों के लिए नक्शा दिया है।

        इसी तरह राज कन्स्ट्र्क्शन के बिल्डर अर्जुन कछवाहा ने भी टीएनसी के सामने नक्शा पेश कर विकास अनुज्ञा हासिल किया है। अर्जुन कछवाहा ने बिरकानों में विकसित कर रहे कालोनी के लिए कई मीटर तक तीस फिट चौड़ा रास्ता सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया है। दोनों ही बिल्डर के खिलाफ आर्थिक दण्ड के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रशासन ने टीएनसी को पत्र देकर गायत्री और राज कन्स्ट्र्क्शन का विकास अनुज्ञा निरस्त करने का आदेश दिया है। 

सरकारी जमीन पर किया कब्जा

एडिश्नल कलेक्टर एआर कुरूवंशी ने बताया कि तीन बिल्डरों ने अपनी जमीन पर कालोनी बनाकर सरकारी जमीन से रास्ता दिया है। इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति प्रशासन से नहीं ली गयी है। लाखों की सरकारी जमीन गलत जानकारी देकर कब्जा किया गया है। जांच पड़ताल और सुनवाई के बाद टीएनसी को निर्देश दिया गया है कि तीनों की विकास अनुज्ञा निरस्त किया जाए। 

आदेश पर होगी कार्रवाई

टीएनसी विकास प्रमुख बीपीएस पटेल ने बताया कि तीन बिल्डर के खिलाफ जिला प्रशासन ने विकास अनुज्ञा निरस्त करने का आदेश दिया है। मामले में कार्रवाई करेंगे। जांच पड़ताल के दौरान दोनो बिल्डर ने शासकीय जमीन पर कब्जा कर निर्माण किया है।

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