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Chhattisgarh

AIIMS डॉक्टर बनकर करोड़ों की ठगी का खेल: हाईटेक ठग गिरफ्तार, ऐसे हुआ नेटवर्क बेनकाब

7 महीने से राजधानी में डेरा, बैंक लोन के नाम पर बड़ा फ्रॉड प्लान

रायपुर…सफेद कोट, डॉक्टर की पहचान और करोड़ों की साजिश—राजधानी रायपुर में एक ऐसे हाईटेक ठग का पर्दाफाश हुआ है, जिसने खुद को AIIMS का डॉक्टर बताकर बैंक और आम लोगों को चूना लगाने की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस अंतरराज्यीय ठगी नेटवर्क की बड़ी कड़ी को पकड़ लिया।

कबीर नगर थाना पुलिस की सक्रिय निगरानी में ओडिशा के कटक निवासी श्रीधर राउत को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले करीब सात महीने से रायपुर के अविनाश आशियाना इलाके में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था और बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी की जमीन तैयार कर रहा था।

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS का डॉक्टर बताकर बैंक अधिकारियों और लोगों का भरोसा जीतता था। इसी फर्जी पहचान के दम पर वह करोड़ों रुपये के लोन लेने की योजना बना रहा था—जिसमें जमीन खरीद और लग्जरी गाड़ियों जैसे फॉर्च्यूनर के लिए फाइनेंस शामिल था। प्लान साफ था—लोन पास कराओ और रकम लेकर गायब हो जाओ।

पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, ठगी का तरीका और भी चौंकाने वाला निकला। आरोपी एक नहीं, कई नामों से अपनी पहचान बदलता था। कभी आदित्य मिश्रा, कभी आदित्य अग्निहोत्री, तो कभी डॉ. सिद्धार्थ—हर नाम के साथ नई कहानी, नया ठिकाना और नया टारगेट।

तलाशी के दौरान उसके पास से फर्जी दस्तावेजों का जखीरा मिला। नकली आधार-पैन, अलग-अलग नामों से बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड, फर्जी सिम, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बड़े संस्थानों के नकली आईडी कार्ड—सब कुछ इतनी सफाई से तैयार कि पहली नजर में शक होना मुश्किल।

यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी कई ठगी मामलों में शामिल रहा है। मेडिकल छात्रों को वीजा दिलाने के नाम पर पासपोर्ट हड़पने से लेकर धोखाधड़ी के कई केस उसके खिलाफ दर्ज हैं। 2024 में जेल भी जा चुका है, लेकिन रिहाई के बाद फिर उसी खेल में लौट आया।

इस पूरे मामले की सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस ने किसी शिकायत का इंतजार नहीं किया। खुफिया इनपुट और सतर्क निगरानी के आधार पर पहले ही कार्रवाई कर संभावित करोड़ों की ठगी को रोक दिया गया।

पुलिस अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और उसके अंतरराज्यीय लिंक की जांच में जुटी है। साथ ही बैंकिंग संस्थानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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