26 करोड़ के काम… लेकिन मैसेज उससे बड़ा: बिलासपुर में साय का डबल नहीं, ट्रिपल इम्पैक्ट
बिलासपुर में विकास का नया फ्रेम: अटल की छाया में साय का सियासी और संरचनात्मक दांव

बिलासपुर…शाम 5:58 बजे बिलासपुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहर के विकास को नई गति देने के साथ एक प्रतीकात्मक संदेश भी दिया। अरपा रिवर व्यू के पास अटल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 26.93 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ, वहीं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कर विकास के साथ वैचारिक विरासत को भी सामने रखा गया।
हेलीपैड पर पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का स्वागत हेलीपैड पर नगर विधायक पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक दिल तारा विधायक सुशांत शुक्ला कलेक्टर संजय अग्रवाल कमिश्नर जैन ने किया । इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने विकास और स्थिरता दोनों को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
लोकार्पण: तैयार प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन
करीब 12.43 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण कार्यों को जनता को समर्पित किया गया। इनमें अटल परिसर, मराठी कन्या शाला का प्रथम तल, इमलीपारा का व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और रक्षित आरक्षी केंद्र जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। ये परियोजनाएं सीधे तौर पर शहरी ढांचे को मजबूत करने और सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी हैं।
भूमिपूजन: आगे की तस्वीर भी तय
करीब 14.50 करोड़ रुपए के नए कार्यों की शुरुआत भी इसी मंच से हुई। अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला और पिचिंग, जरहाभाठा में सड़क चौड़ीकरण और उसलापुर में बिरसा मुंडा की प्रतिमा निर्माण जैसे काम शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक आयाम को साथ लेकर आगे बढ़ते दिखे।
अटल प्रतिमा: विकास के साथ विचार
कार्यक्रम का केंद्रीय क्षण अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण रहा। मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्मृतियों को सहेजने का प्रयास बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माण से लेकर देश के विकास में अटल के योगदान को रेखांकित किया और सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्माण की योजना का जिक्र किया।
वैश्विक संदर्भ, स्थानीय संदेश
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक प्रभावों के बावजूद राज्य में आपूर्ति व्यवस्था सुरक्षित है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने और संयम बनाए रखने की अपील की—साफ संकेत कि प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।
विकास + स्थिरता = नई रणनीति
पूरे कार्यक्रम में विकास कार्यों के साथ-साथ एक संतुलित राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश भी सामने आया—इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, सांस्कृतिक पहचान को सहेजना और अनिश्चित समय में भरोसा कायम रखना।





