ड्यूटी, डिसिप्लिन और कंट्रोल—अब एक ही छत के नीचे: बिलासपुर पुलिस का नया दौर.. SSP ने कहीं यह बात
जर्जर ढांचे से मॉडर्न सिस्टम तक: बिलासपुर पुलिस को मिला नया ‘कमांड सेंटर’

बिलासपुर…बिलासपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और आधारभूत ढांचे में बड़ा बदलाव दर्ज हुआ है। लंबे समय से पुराने और जर्जर भवनों में संचालित हो रही व्यवस्थाओं के बीच अब रक्षित आरक्षी केंद्र के नए भवन का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस भवन को जिले को समर्पित किया, जो पुलिसिंग के संचालन को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और केंद्रीकृत बनाएगा। पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस बेहतर तरीके से कम कर रही है कमांड सेंटर बनने के बाद एकीकृत तरीके से अपराध और अपराधी गतिविधियों पर सशक्त नजर रखी जाएगी। अब अपराधियों के लिए कोई स्थान बिलासपुर में नहीं रहेगा।
पुराने ढांचे से बाहर, एकीकृत सिस्टम
प्रदेश के महत्वपूर्ण जिलों में गिने जाने वाले बिलासपुर में कई पुलिस कार्यालय अब तक अंग्रेजकालीन जर्जर भवनों में संचालित हो रहे थे। नए रक्षित आरक्षी केंद्र के साथ यह स्थिति बदलने की शुरुआत हुई है। अब विभिन्न शाखाओं का संचालन एक ही परिसर में व्यवस्थित तरीके से संभव होगा, जिससे कामकाज की गति और समन्वय दोनों में सुधार आएगा।
पुलिस सिस्टम का ‘बैकबोन’ केंद्र
रक्षित आरक्षी केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि जिला पुलिस की रीढ़ मानी जाती है। यहीं से कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, आपातकालीन तैनाती, बल प्रबंधन और संसाधनों का नियंत्रण संचालित होता है। हथियार, वाहन, ईंधन, वर्दी और अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था से लेकर जवानों की ड्यूटी तक, पूरा सिस्टम इसी केंद्र से संचालित होता है।
जवानों के प्रशिक्षण और कल्याण
नए भवन के साथ प्रशिक्षण, पीटी परेड और अनुशासनात्मक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने का आधार भी मजबूत हुआ है। पुलिस बल की दक्षता, स्वास्थ्य और समन्वय को बनाए रखने में इस केंद्र की भूमिका अहम रहेगी। साथ ही पुलिस परिवारों के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों को भी व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकेगा।
आगे और निर्माण की तैयारी
जिला पुलिस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अन्य परियोजनाएं भी जारी हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय और थाना पचपेड़ी का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि चौकी केंदा, एसडीओपी कार्यालय कोटा और बिलासपुर, आवासीय परिसर व सामुदायिक भवन जैसे प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित हैं। आने वाले समय में ये सभी निर्माण पुलिसिंग की क्षमता को और विस्तार देंगे।





