राजकिशोर नगर लूटकांड का खुलासा: 2 किलो सोना, नगदी और हथियार बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार
आईजी रामगोपाल गर्ग ने प्रेस वार्ता में सिलसिलेवार रखा पूरा घटनाक्रम

बिलासपुर…राजकिशोर नगर में 17 फरवरी की रात हुई सनसनीखेज लूट और मारपीट की वारदात का खुलासा रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने बिलासा गुड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता में किया। आईजी ने घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला, पुलिस की रणनीति, अंतरराज्यीय समन्वय और बरामदगी का विस्तृत ब्यौरा सामने रखा।
उन्होंने बताया कि सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में रात 9:15 बजे महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से लूट की गई। तिवारी रोज की तरह दुकान बंद कर सोने के आभूषण और अन्य सामग्री अपनी रेनॉल्ट क्विड (CG 10 AH 7701) में रखकर घर लौट रहे थे। कॉलोनी के अंधे मोड़ पर पहले से खड़ी मारुति ईको ने उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मारी। बाहर निकलते ही आरोपियों ने पिस्टल तानकर उसके बट और हथौड़े से हमला किया और कार में रखे चार बैग लेकर फरार हो गए।
लूट का पूरा ब्योरा
वारदात में लगभग 2 किलो सोना, 200 ग्राम तैयार सोने के जेवर, करीब 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइल गोल्ड और करीब 3 लाख 50 हजार रुपये नगद लूटे गए। घटना के बाद थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 219/2026 के तहत धारा 126(2), 109, 309(6), 311 बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटनास्थल से तकनीकी सुराग
जांच के दौरान घटनास्थल से एक सफेद कार, पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 10 नग जिंदा कारतूस और एक हथौड़ा बरामद हुआ। प्रार्थी की रेनॉल्ट क्विड ग्राम उत्तम और परसाही के बीच लावारिस मिली, जहां से फिंगरप्रिंट जुटाए गए। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक जांच और होटल-ढाबों की सघन पड़ताल साथ-साथ चलती रही।
उत्तर प्रदेश में घेराबंदी, जेवर और हथियार जब्त
तकनीकी इनपुट से स्पष्ट हुआ कि आरोपी आई-20 कार से सोनभद्र होते हुए मिर्जापुर की ओर भागे हैं। बिलासपुर पुलिस ने तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय किया। मिर्जापुर के अहरौरा थाना पुलिस ने 18 फरवरी की रात घेराबंदी कर विनोद उर्फ बीनू और करीम खान को आई-20 कार सहित पकड़ा, जबकि विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल को जंगल से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों से लूटे गए सोने के जेवर, कच्चा सोना, नगदी, वारदात में प्रयुक्त आई-20 कार तथा अवैध हथियार बरामद हुए। अहरौरा थाना में उनके खिलाफ धारा 109, 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ। बिलासपुर पुलिस की टीम मिर्जापुर पहुंचकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
जांच में इमरान अली की भूमिका भी सामने आई, जिसने स्कॉर्पियो वाहन से रेकी की। उसे गिरफ्तार कर स्कॉर्पियो जब्त कर ली गई।
मास्टरमाइंड पर 70 से अधिक अपराध
आईजी गर्ग ने बताया कि गिरोह का सरगना विजय लांबा है, जिसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 70 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दिसंबर में हुई एक अन्य घटना में भी उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
मॉनिटरिंग और टीमवर्क से निर्णायक सफलता
आईजी ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह अवकाश पर थे, फिर भी उन्होंने लगातार मॉनिटरिंग कर टीम को दिशा दी। उसी रणनीतिक निगरानी में बिलासपुर पुलिस ने इस दुस्साहसिक वारदात को चुनौती की तरह लिया और उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट का माल बरामद किया।
ऑपरेशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और पंकज पटेल ने मौके पर पहुंचकर जांच को गति दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर उमेश कश्यप, नगर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन, निरीक्षक प्रदीप आर्य, हेमंत आदित्य सहित विशेष टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तकनीकी विश्लेषण, नाकाबंदी और अंतरराज्यीय समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई।
राजकिशोर नगर की यह वारदात जिस तेजी से सुलझी, उसने यह साबित कर दिया कि सटीक रणनीति, तकनीकी ट्रैकिंग और मजबूत अंतरराज्यीय तालमेल से संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार संभव है।





