“कोल साम्राज्य में भूचाल: गिरधारीलाल–प्रमोद अग्रवाल के ठिकानों पर आयकर का मेगा ऑपरेशन
कोयला कॉरिडोर पर आयकर का प्रहार: गिरधारीलाल–प्रमोद अग्रवाल समेत कारोबारी नेटवर्क पर एकसाथ छापे

बिलासपुर…छत्तीसगढ़ के कोल कारोबारी जगत में गुरुवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। बिलासपुर में रामा वर्ल्ड स्थित निवास सहित शहर और आसपास के इलाकों में की गई इस कार्रवाई में गिरधारीलाल अग्रवाल और प्रमोद कुमार अग्रवाल के ठिकाने प्रमुख रूप से निशाने पर रहे।
4 गाड़ियों से एंट्री, आधा सैकड़ा वाहनों का काफिला
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की टीम सुबह रायपुर से करीब आधा सैकड़ा वाहनों के साथ रवाना हुई। बिल्हा के पास पहुंचते-पहुंचते टीम अलग-अलग दलों में बंट गई। कुछ टीमें जांजगीर-चांपा और रायगढ़ की दिशा में रवाना हुईं, जबकि मुख्य टीम ने बिलासपुर शहर में दबिश दी। प्रारंभिक स्तर पर टीम ने सर्वे (SIR) के नाम पर प्रवेश किया और बाद में औपचारिक जांच शुरू की।
रामा वर्ल्ड से लेकर जयरामनगर तक छानबीन
बिलासपुर के रायपुर रोड स्थित रामा वर्ल्ड में कारोबारी निवास पर छापा मारा गया। यहीं पर कोल व्यवसाय से जुड़े नेटवर्क के प्रमुख संचालकों का निवास बताया जाता है। गिरधारीलाल अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल के ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
इसके अलावा जयरामनगर क्षेत्र में अंशुल मुरारका से जुड़े निर्माण प्रतिष्ठान और अन्य कारोबारी परिसरों में भी जांच की कार्रवाई की गई।
कलवा श्री’ संचालक भी रडार पर
जानकारी यह भी सामने आई है कि इससे पहले आयकर टीम ने ‘कलवा श्री’ के संचालक से जुड़े ठिकानों पर भी दबिश दी थी। इस कार्रवाई को उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है। शहर के कारोबारी हलकों में इसे कोल सेक्टर से जुड़े बड़े नेटवर्क पर समन्वित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
बंद कमरों में फाइलें खंगालती टीम
सूत्र बताते हैं कि कई स्थानों पर बंद कमरों में दस्तावेजों की जांच जारी है। वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और कर भुगतान से जुड़े कागजातों की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कार्रवाई जारी, विभाग मौन
फिलहाल छापामार कार्रवाई लगातार जारी है। आयकर विभाग के अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़ के कोयला कारोबार से जुड़े इस व्यापक नेटवर्क पर हुई कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसियां अब आक्रामक रुख में हैं। आने वाले घंटों में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।





