नकली दवा नेटवर्क पर प्रशासन का स्टिंग.. कंट्रोल तंत्र पर गिरी गाज.. रेस्टोरेंट मीटिंग से उठा तूफान
नकली दवा कनेक्शन ने हिलाया महकमा, कार्रवाई की जद में आला अफसर

रायपुर… नकली दवाओं के कारोबार से जुड़े विवाद ने अब प्रशासनिक गलियारों में बड़ा झटका दे दिया है। राज्य सरकार ने गंभीर आरोपों के बीच एडिशनल ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक स्टिंग ऑपरेशन के सार्वजनिक होने के बाद की गई, जिसमें विभागीय स्तर पर संदिग्ध संपर्कों का दावा किया गया है।
रेस्टोरेंट में मुलाकात, सवालों के घेरे में अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, संजय नेताम की मुलाकात नकली दवा कारोबार के कथित मुख्य आरोपी खेमराम बानी से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात उस समय हुई, जब आरोपी के खिलाफ पहले से जांच और वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में थी। स्टिंग ऑपरेशन में इसी मुलाकात से जुड़े दृश्य और बातचीत रिकॉर्ड किए जाने का दावा है, जिसके सामने आने के बाद विभाग में हलचल मच गई।
एक और अधिकारी पर कार्रवाई
मामले की आंच अन्य अधिकारियों तक भी पहुंची है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर का तबादला तत्काल प्रभाव से जशपुर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जिस दौरान उक्त मुलाकात हुई, उस समय वे भी मौके पर मौजूद थीं। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विभागीय जांच शुरू, सरकार का सख्त संदेश
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उच्च स्तर पर कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई गई तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला, जवाबदेही की कसौटी
नकली दवाओं का मुद्दा सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। ऐसे में नियामक अधिकारियों पर उठे सवाल प्रशासनिक विश्वसनीयता के लिए चुनौती माने जा रहे हैं। अब निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं—क्या यह कार्रवाई केवल शुरुआत है या सिस्टम के भीतर छिपी परतें भी खुलेंगी।





