24 घंटे में दूसरी धमकी: सिविल कोर्ट फिर निशाने पर, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट
कॉल कर पूरी बिल्डिंग को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी

पटना। राजधानी पटना में न्यायिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश एक बार फिर सामने आई है। 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मंगलवार सुबह कोर्ट के रजिस्ट्रार के फोन पर कॉल कर पूरी बिल्डिंग को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी गई, जिसके बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
धमकी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वायड की मदद से संघन जांच शुरू की गई। एहतियातन कोर्ट के पहले हाफ का कामकाज स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा और जांच पूरी होने के बाद दूसरे हाफ से कार्यवाही शुरू की जाएगी।
ईमेल के बाद अब फोन कॉल से धमकी
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही जिला जज को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई थी। उस मेल में देशविरोधी नारे लिखे गए थे और एक निश्चित समय का उल्लेख कर विस्फोट की बात कही गई थी। सोमवार (9 फरवरी) को भी पटना समेत औरंगाबाद और भागलपुर की अदालतों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सुरक्षा घेरा सख्त, जांच एजेंसियां सक्रिय
कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। साइबर सेल भी ईमेल और कॉल की तकनीकी जांच में जुटी है, ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।
लगातार मिल रही धमकियों ने न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अब तक की जांच में किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
पटना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। फिलहाल पूरे मामले की बहुस्तरीय जांच जारी है।





