बिना डॉक्टर चल रहा था ‘सुपर स्पेशलिटी’ अस्पताल, प्रशासन ने जड़ा ताला
अस्पताल को अस्थायी रूप से सील

मुंगेली…जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। बिलासपुर रोड स्थित ‘गर्ग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ को नियमों की गंभीर अनदेखी के चलते बुधवार को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कार्रवाई छत्तीसगढ़ उपचारगृह (पंजीयन एवं विनियमन) अधिनियम 2013 के तहत की गई।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। टीम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नर्सिंग होम एक्ट के जिला नोडल अधिकारी, नायब तहसीलदार हरीश यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
डॉक्टर नदारद, दस्तावेज गायब
सबसे गंभीर बात यह पाई गई कि निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई अधिकृत ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। यानी मरीजों का उपचार बिना चिकित्सकीय निगरानी के किया जा रहा था।
इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन आवश्यक पंजीयन प्रमाणपत्र, संचालन अनुमति और अन्य अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल नर्सिंग होम एक्ट के निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहा था।
सील कर दी गई पूरी इकाई
निरीक्षण के बाद पंचनामा तैयार किया गया और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए अस्पताल को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अन्य अस्पतालों में हलचल
इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पताल संचालकों में हलचल मच गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





