300 जवान सड़क पर, 126 वारंटी सलाखों के पीछे — आधी रात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
जिले भर में एक साथ कांबिंग गश्त, वारंटियों और फरार आरोपियों पर शिकंजा

बिलासपुर… जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित वारंटों की तामिली के लिए 10 फरवरी की रात बिलासपुर पुलिस ने व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित इस कार्रवाई में लगभग 300 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। समस्त थाना क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों ने एक साथ दबिश देकर संदिग्ध ठिकानों, होटल-ढाबों, सार्वजनिक स्थानों और वारंटियों के निवासों पर सघन जांच की।
126 वारंटी गिरफ्तार, 11 फरार आरोपी शामिल
अभियान के दौरान कुल 126 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 50 स्थाई वारंटी और 76 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे 11 आरोपियों को भी पकड़कर न्यायालयीन प्रक्रिया हेतु अभिरक्षा में लिया गया।
यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं बल्कि लंबित मामलों में ठोस प्रगति के रूप में देखी जा रही है।
41 निगरानी बदमाशों की चेकिंग, 10 पर कार्रवाई
निगरानी सूची में दर्ज 41 गुंडा/बदमाशों की सघन जांच कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया। संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 10 व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
एक अलग प्रकरण में धारदार हथियार बरामद होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। दुर्घटना मृत्यु की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 105 चालकों पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
समन्वित कार्रवाई, आगे भी रहेगा दबाव
अभियान के दौरान थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों, पेट्रोलिंग स्टाफ और विशेष टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से समन्वित कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन का संकेत स्पष्ट है कि वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ दबाव लगातार बनाए रखा जाएगा।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। वारंटियों, फरार आरोपियों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम थाना या कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया गया है।





