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Bilaspur

मैडल आए, मेहमान नहीं: राष्ट्रीय क्रीड़ा में खिलाड़ियों की जीत पर भारी पड़ी व्यवस्था की हार

खिलाड़ियों ने दिल जीता, आयोजकों ने भरोसा तोड़ा: राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा पर सवाल

बिलासपुर…बिलासपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय बालक-बालिका क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन 8 फरवरी को हुआ, लेकिन खेल से ज्यादा चर्चा अव्यवस्था, अतिथियों की गैरहाजिरी और कमजोर आयोजन व्यवस्था की रही। 4 फरवरी को विवादों के बीच शुरू हुआ यह राष्ट्रीय आयोजन, 8 फरवरी को भी लगभग उसी अंदाज़ में समाप्त हुआ—जहां कार्ड बंटे, नाम तय हुए, पर मुख्य और विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम से नदारद रहे।

समापन समारोह के लिए केंद्रीय मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू को मुख्य अतिथि और नगर विधायक अमर अग्रवाल को विशिष्ट अतिथि घोषित किया गया था, लेकिन दोनों ही कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। इससे पहले उद्घाटन समारोह में भी उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई मंत्री-विधायकों की अनुपस्थिति ने आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए थे। सूत्रों के अनुसार अतिथियों को सूचना, समन्वय और समयबद्ध संपर्क के स्तर पर भारी चूक हुई, जिसका खामियाजा राष्ट्रीय मंच पर बिलासपुर को उठाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि शुभारंभ और समापन—दोनों ही अवसरों पर कार्यक्रम स्थल को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। उद्घाटन और समापन पुलिस लाइन मैदान में प्रस्तावित थे, लेकिन दोनों कार्यक्रम अंततः छत्तीसगढ़ स्कूल मैदान में हुए। आयोजन से पहले प्रशासन की ओर से यह जानकारी दिए जाने की चर्चा रही कि संभावित मुख्यमंत्री कार्यक्रम के कारण पुलिस लाइन मैदान उपलब्ध कराना कठिन है, पर इस बदलाव की स्पष्ट और समय पर सूचना ने कई स्तरों पर समन्वय को कमजोर कर दिया।

कलेक्टर द्वारा पूर्व निरीक्षण के दौरान जताई गई नाराजगी के बाद भी अतिथियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी। नतीजतन समापन समारोह सीमित जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरा किया गया। बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, दिल बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी की उपस्थिति में औपचारिक समापन तो हुआ, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के अनुरूप राजनीतिक-प्रशासनिक गरिमा नजर नहीं आई। पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धर्मजीत सिंह, विधायक अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया जैसे कई प्रमुख नाम भी कार्यक्रम से दूर रहे।

चार दिनों तक चले राष्ट्रीय आयोजन में खिलाड़ियों ने मैदान पर दमखम दिखाया, पर मंच पर व्यवस्थागत कमजोरी साफ झलकी। खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और बाहर से आए विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा आम रही कि जब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलता है, तब आयोजन की पेशेवर तैयारी और समन्वय सबसे जरूरी होता है—जो यहां कमजोर पड़ा।

आयोजन की अव्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की नोडल अधिकारी, सहायक संचालक वर्षा शुक्ला की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा खेल अधिकारी कमलेश यादव और खेल शिक्षक साजिद खान की भूमिका भी व्यवस्थागत चूकों से जोड़कर देखी जा रही है। यह भी चर्चा में है कि अनुभवहीनता और समन्वय की कमी ने न केवल आयोजन की छवि प्रभावित की, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर बिलासपुर को असहज स्थिति में खड़ा किया। विजय टांडे पहले से ही अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य प्रकरणों को लेकर विवादों के घेरे में हैं। ऐसे में इस आयोजन ने आलोचनाओं को और धार दी है।

इन तमाम अव्यवस्थाओं के बीच छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही आयोजन की सबसे मजबूत कड़ी रहा। 17 वर्ष आयु वर्ग की सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में बालक और बालिका—दोनों वर्गों में छत्तीसगढ़ की टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। बालिका वर्ग के फाइनल में टीम ने सीबीएसई को 5-2 से हराया, जबकि बालक वर्ग में महाराष्ट्र को 1-0 से मात देकर खिताब अपने नाम किया।

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने यह साफ कर दिया कि मैदान में प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, कमी रही तो केवल उस व्यवस्था की, जो राष्ट्रीय मंच के अनुरूप भरोसा और गरिमा दे सके।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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