गणतंत्र दिवस पर दो फैसले :बलिदान को नमन, ईमानदारी को पहचान
तिरंगे के नीचे दो सच— शहादत अमर है, कर्तव्य ज़िंदा है

बिलासपुर…77वां गणतंत्र पर्व बिलासपुर में राष्ट्रगौरव, शौर्य स्मरण और कर्तव्य सम्मान के वातावरण में मनाया गया। संभागीय मुख्यालय स्थित पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए 27 वीर जवानों के परिजनों को सम्मानित कर राज्य की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की।
बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान लोकतंत्र की नींव है और उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को साहस, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी। सम्मानित शहीदों में प्रधान आरक्षक विश्वेश्वर चक्रवर्ती, फुल जेम्स मिंज, देवराज सुरजाल, राजेन्द्र सिंह, शिवकुमार सिंह सहित आरक्षक, उप निरीक्षक, निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे। सम्मान समारोह के दौरान परेड मैदान भावुकता और गर्व से भर उठा।
कर्तव्यनिष्ठा को मंच से पहचान
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 अधिकारी-कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। इनमें संयुक्त कलेक्टर अभिषेक दीवान, प्रभारी निर्वाचन पर्यवेक्षक अंकित तिवारी, पुलिस आरक्षक, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन और निर्वाचन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन की असली ताकत वे लोग हैं जो बिना किसी दिखावे के ईमानदारी से जनता की सेवा करते हैं।
लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान और कर्मठ अधिकारियों की सेवा भावना—दोनों मिलकर मजबूत और जिम्मेदार शासन की नींव रखते हैं।
समारोह में विधायक अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पाण्डेय, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।





