अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में 28.6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विभिन्न भवनों का शिलान्यास

बिलासपुर । रविवार को अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के लगभग 28.6 करोड रुपए की लागत से बनने वाले विभिन्न भवनों के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, बेलतरा के विधायक सुशांत शुक्ला, बिल्हा के विधायक धरमलाल कौशिक के कर कमलों से हुआ ।
कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों ने अटल जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया । तत्पश्चात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि टक राम वर्मा ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय अपने शिक्षा मूल्यों, अकादमिक परंपराओं एवं राष्ट्रीय चेतना से प्रेरित दृष्टिकोण के कारण इस अंचल में शिक्षा की एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। अपने स्थापना काल से ही यह विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा है और शैक्षणिक, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नित्य नई ऊँचाइयों को स्पर्श कर रहा है।
वर्ष 2012 में स्थापित इस विश्वविद्यालय ने अपने प्रारंभिक काल में मात्र पाँच शिक्षण विभागों से अपनी यात्रा आरंभ की थी, किंतु आज यह विश्वविद्यालय विविध विषयों, बहुआयामी शैक्षणिक गतिविधियों तथा गुणवत्तापूर्ण अकादमिक संरचना के साथ उच्च शिक्षा का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। शिक्षा के साथ-साथ शोध, नवाचार, विस्तार गतिविधियों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय द्वारा किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय है।
यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए “छत्तीसगढ़ अंजर विजन 2047” के अंतर्गत कार्य करने का संकल्प लिया है तथा इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु एक विशेष प्रकोष्ठ (Cell) की स्थापना भी की गई है। भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा को विकास का प्रमुख आधार स्तंभ माना गया है।
इस विजन डॉक्यूमेंट में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें—
कौशल विकास को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाना
छात्रों एवं शिक्षकों को तकनीकी ज्ञान से सशक्त करना
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में नवाचार एवं शोध को बढ़ावा देना
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) से संबंधित शैक्षणिक एवं शोध विकास
आदर्श महाविद्यालयों की स्थापना
डिजिटल शिक्षा, स्टार्टअप संस्कृति, इनक्यूबेशन सेंटर एवं नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली का विकास
जैसे दूरदर्शी लक्ष्य सम्मिलित हैं।
निश्चित रूप से अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर इस विजन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में सशक्त योगदान देगा। यह प्रयास माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगा।
उन्होने आगे कहा कि आज मुझे इस विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ तथा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन, छात्र सुविधा केंद्र, आंतरिक खेलों हेतु बहुउद्देश्यीय भवन तथा आरसीसी सड़क निर्माण के शिलान्यास का अवसर प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत गौरव का विषय है। निश्चित रूप से इन अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों से विश्वविद्यालय को नई अकादमिक ऊँचाइयाँ, बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा आधुनिक सुविधाएँ प्राप्त होंगी, जिससे छात्रों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्ध होंगे।
इन नव निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से यह विश्वविद्यालय न केवल इस क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान बनेगा, बल्कि राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने नाम के अनुरूप ख्याति अर्जित करेगा और शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान के रूप में प्रतिष्ठित होगा।
माननीय कुलपति महोदय के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में, विगत पाँच वर्षों में विश्वविद्यालय ने विकास के अनेक महत्वपूर्ण सोपान तय किए हैं, जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। अकादमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक सुदृढ़ता, शोध संस्कृति, अधोसंरचना विकास एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की प्रगति स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती है।
मैं विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि एवं एक और बड़े विकासात्मक कार्य हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ तथा यह अपेक्षा करता हूँ कि यह विश्वविद्यालय अपने नाम के अनुरूप निरंतर प्रगति करता हुआ शिक्षा, शोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगा ।
कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि धरमलाल कौशिक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो नवीन भवन का शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न हुआ है वह विश्वविद्यालय के एकेडमिक उन्नयन के लिए मिल का पत्थर साबित होगा ।विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति के मार्गदर्शन में यह विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपना नाम स्थापित किया है। अति विशिष्ट अतिथि तथा विधायक सुशांत शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा पर कार्य करने के संदर्भ में विशेष जोर दिया ।
अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया और इस महत्वपूर्ण शिलान्यास कार्यक्रम में पधारने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि विश्वविद्यालय शोध तथा अध्ययन-अध्यापन में निरंतर गुणवत्ता लाने का प्रयास कर रहा है ।इसी क्रम में शिक्षण विभागों में उत्कृष्ट प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है ।उन्होंने आगे कहा कि पूरे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में इस विश्वविद्यालय की महिती भूमिका है। छत्तीसगढ़ नवा अंजोर परियोजना में भी विश्वविद्यालय अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए एक प्रकोष्ठ का गठन किया है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तर्निश गौतम द्वारा दिया गया ।कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन एवं सभी अतिथियों का स्वागत और सम्मान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया एवं डॉ. होता द्वारा स्वागत भाषण दिया गया ।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्य प्रफुल्ल शर्मा ,संतोष तिवारी ,डॉ. प्रमोद तिवारी संचालक शारीरिक शिक्षा विभाग ,सभी शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।





