नाबालिग की हत्या पर पुलिस एनकाउंटर, फिरौती में नाकामी बनी मौत की वजह
फिरौती की रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने बच्चे का गला घोंटकर हत्या

उत्तर प्रदेश… चित्रकूट जिले में एक नाबालिग की अपहरण के बाद निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। बरगढ़ थाना क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के 14 वर्षीय बेटे आयुष का अपहरण कर फिरौती न मिलने पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया, जबकि उसका एक साथी गोली लगने से घायल हो गया।
घटना गुरुवार शाम की है, जब आयुष ट्यूशन से लौटने के बाद दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। कुछ ही घंटों में अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन कर 40 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। परिजनों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ तेज की।
जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम पड़ोस में टीन के बक्से की दुकान चलाने वाले इरफान और अकरम उर्फ कल्लू ने दिया था। दोनों प्रयागराज के कर्मा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, फिरौती की रकम नहीं मिलने पर आरोपियों ने बच्चे का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को एक बक्से में बंद कर ठिकाने लगाने की कोशिश की।
शुक्रवार सुबह आयुष का शव बरामद होते ही बरगढ़ कस्बे में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग थाने पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात को संभालने के लिए पुलिस को समझाइश के साथ बल प्रयोग भी करना पड़ा। इसी बीच एसओजी समेत कई थानों की पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी तेज कर दी।
शुक्रवार तड़के पुरानु बाबा जंगल क्षेत्र में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान मुख्य आरोपी अकरम उर्फ कल्लू को गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा आरोपी इरफान पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक तीसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। हाईवे पर लोगों ने जाम लगाकर विरोध जताया। मौके पर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह और एएसपी समेत भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यह वारदात न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।





