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Bilaspur

हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय: विधवा बहू को ससुर की संपत्ति और भरण-पोषण का अधिकार

बिलासपुर…छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि विधवा बहू अपने सास-ससुर की संपत्ति पर दावा कर सकती है और परिस्थितिवश वह ससुर से भरण-पोषण पाने की भी हकदार है।

मामला कोरबा का

प्रकरण कोरबा निवासी चंदा यादव का है। वर्ष 2006 में उनका विवाह गोविंद प्रसाद यादव से हुआ था, लेकिन 2014 में सड़क हादसे में पति की मौत हो गई। इसके बाद चंदा अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी और आर्थिक तंगी के चलते फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की।

फैमिली कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश दिया कि ससुर तुलाराम यादव हर महीने अपनी बहू को 2500 रुपये दें। साथ ही यह भी कहा कि यह भरण-पोषण तब तक मिलेगा जब तक बहू पुनर्विवाह नहीं करती।

ससुर ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

ससुर तुलाराम यादव ने इस आदेश को चुनौती दी और कहा कि वे स्वयं पेंशनभोगी हैं, उनकी आय सीमित है। उन्होंने बहू पर यह आरोप भी लगाया कि वह खुद नौकरी कर सकती है और उस पर अवैध संबंधों के आरोप भी मढ़े।

वहीं, बहू के वकील ने अदालत में दलील दी कि उसके पास न तो नौकरी है और न ही संपत्ति का कोई हिस्सा। बच्चों की जिम्मेदारी भी उसी पर है।

हाईकोर्ट का फैसला

जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद स्पष्ट किया कि ससुर की पेंशन 13 हजार रुपये है और परिवार की जमीन में भी उनका हिस्सा है।बहू के पास न नौकरी है और न ही संपत्ति से कोई हिस्सा मिला है।ऐसे हालात में फैमिली कोर्ट का आदेश सही है।

इस आधार पर हाईकोर्ट ने ससुर की याचिका खारिज कर दी और कहा कि विधवा बहू को भरण-पोषण का अधिकार है

कानूनी प्रावधान का हवाला

अदालत ने हिंदू दायित्व और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि पति की मृत्यु के बाद पत्नी यदि अपनी आय से खुद और बच्चों का भरण-पोषण नहीं कर पा रही है तो वह ससुर से भरण-पोषण की हकदार होगी। यह अधिकार तभी तक रहेगा, जब तक वह पुनर्विवाह नहीं करती। यदि पति की संपत्ति नहीं है या अपर्याप्त है, तभी बहू ससुर की संपत्ति पर दावा कर सकती है।

इस फैसले के साथ ही हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि विधवा बहू को न सिर्फ भरण-पोषण का अधिकार है बल्कि वह ससुर की संपत्ति पर भी दावा कर सकती है, बशर्ते पति की संपत्ति न हो या अपर्याप्त हो।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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