8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के गठन में देरी, जानें आपकी सैलरी पर क्या होगा असर
आमतौर पर किसी भी नए वेतन आयोग के गठन से लेकर उसकी सिफारिशों को लागू करने में 12 से 18 महीने का समय लगता है। अभी तक 8वें वेतन आयोग का गठन ही नहीं किया गया है, और न ही इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तय हुए हैं

8th Pay Commission : दिल्ली। देश के 35 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है और 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू किया जाना है। लेकिन इसके गठन में हो रही देरी को देखते हुए यह लगभग तय है कि कर्मचारियों को इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, जब भी यह लागू होगा, यह कर्मचारियों के वेतन में एक ऐतिहासिक उछाल ला सकता है।
क्यों हो सकती है 8वें वेतन आयोग में देरी?
8th Pay Commission : आमतौर पर किसी भी नए वेतन आयोग के गठन से लेकर उसकी सिफारिशों को लागू करने में 12 से 18 महीने का समय लगता है। अभी तक 8वें वेतन आयोग का गठन ही नहीं किया गया है, और न ही इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तय हुए हैं।7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में ही कर दिया गया था, जिससे उसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सरकार को उसे लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया था।
8th Pay Commission : मौजूदा हालात को देखते हुए 8वें वेतन आयोग का 1 जनवरी 2026 से लागू होना मुश्किल लग रहा है। यह मामला 2027 तक भी खिंच सकता है। हालांकि, अगर इसे बाद में लागू किया जाता है तो सरकार कर्मचारियों को एरियर का भुगतान कर सकती है।
कितना बढ़ेगा वेतन? समझिए फिटमेंट फैक्टर का ‘खेल’
फिटमेंट फैक्टर वह सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है जिससे केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होती है। इसी फैक्टर के कारण वेतन में ढाई गुना से भी ज्यादा की वृद्धि होती है।
-
6वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 1.86 था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 हुआ।
-
7वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन बढ़कर ₹18,000 हो गया।
-
8वां वेतन आयोग (अनुमानित): अगर फिटमेंट फैक्टर को 2.5 से 2.86 के बीच भी रखा जाता है, तो कर्मचारियों के वेतन में ₹40,000 से ₹45,000 तक की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है।
सैलरी के अलावा और क्या-क्या बदलेगा?
महंगाई भत्ता (DA): सबसे बड़ी चर्चा इस बात पर है कि क्या मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा। 2016 में भी 125% DA को बेसिक सैलरी में मिला दिया गया था। इस बार भी सरकार DA की गणना के फॉर्मूले में बदलाव पर विचार कर सकती है। हर वेतन आयोग के साथ HRA की दरें भी बदलती हैं। 7वें वेतन आयोग में इसे 24%, 16% और 8% किया गया था। अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में भी शहरों के वर्गीकरण और नई बेसिक सैलरी के हिसाब से HRA की दरों में फिर से संशोधन किया जाएगा। 7वें वेतन आयोग में ‘ग्रेड पे’ सिस्टम को खत्म कर पे-मैट्रिक्स लागू किया गया था। 8वें वेतन आयोग में भी पे-स्केल, प्रमोशन और सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।