US Israel attack Iran March 2026: ईरान पर दोहरी मार, युद्ध और तबाही के बीच आया जोरदार भूकंप; गेराश में 4.3 की तीव्रता से कांपी धरती, खामेनेई की मौत के बाद हड़कंप
ईरान इस समय इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां देश भीषण युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता की आग में जल रहा है, वहीं अब कुदरत के कहर ने भी वहां दस्तक दी है। दक्षिण ईरान का गेराश क्षेत्र मंगलवार को भूकंप के झटकों से दहल उठा।

US Israel attack Iran March 2026।तेहरान/गेराश: सैन्य हमलों और शीर्ष नेतृत्व को खोने के गम में डूबे ईरान के लिए मंगलवार का दिन और अधिक संकटपूर्ण रहा।
US Israel attack Iran March 2026।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, दक्षिणी ईरान के गेराश (Gerash) क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, अभी तक इस प्राकृतिक आपदा से हुए जान-माल के नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन युद्धग्रस्त परिस्थितियों में इस झटके ने लोगों के बीच दहशत और बढ़ा दी है।
युद्ध और राजनीतिक संकट के मुहाने पर ईरान।US Israel attack Iran March 2026
ईरान वर्तमान में अपनी संप्रभुता और वजूद की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों ने देश की कमर तोड़ दी है।
- खामेनेई की मौत: रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। उनके साथ ही उनके परिवार के कई सदस्यों और ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडरों के भी मारे जाने की खबर है।
- नेतृत्व का संकट: खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है और देश में नेतृत्व को लेकर एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
इजरायल और अमेरिका के साथ जारी है ‘जंग’
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। अमेरिका ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और इजरायल ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का नाम दिया है।
- ईरान का पलटवार: नेतृत्व को खोने के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी है। ईरानी बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
- वैश्विक प्रभाव: इस युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है।





