आशिक संग रंगरलिया मनाने के लिए पति का करवाया किडनैप, हाथ-पैर तोड़े और मरा समझकर छोड़ गए

नवलगढ़। दीपावली की रात शहर के छोटा बस स्टैंड से अपहृत और जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल कैलाश माहिच (35) की रविवार शाम जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस घटना ने नवलगढ़ शहर में कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैलाश की असामयिक मौत से उनके 12 वर्षीय पुत्र और 7 वर्षीय पुत्री पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि करीब चार वर्ष पूर्व उनकी मां संगीता भी बच्चों और पति को छोड़कर अपने प्रेमी संदीप भास्कर के साथ लिव-इन में रहने लगी थी। पुलिस ने इस मामले में कैलाश की पत्नी संगीता सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नवलगढ़ थानाधिकारी सीआई राधेश्याम सांखला ने बताया कि कैलाश माहिच के अपहरण और जानलेवा हमले के आरोप में संदीप भास्कर सहित चार आरोपियों को शुक्रवार को और कैलाश की पत्नी संगीता को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।
घटना दीपावली की रात करीब 8 बजे की है, जब कैलाश माहिच को कुछ बदमाश छोटा बस स्टैंड से कैंपर गाड़ी में डालकर ले गए थे।
निकटवर्ती गांव छोटी बिड़ौदी की जोहड़ी में ले जाकर कैलाश पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनके दोनों पैर तोड़ दिए गए। आरोपियों ने कैलाश को मरा हुआ समझकर वहीं पटक दिया और फरार हो गए। कैलाश पूरी रात दर्द से तड़पते रहे।
अगले दिन सुबह राहगीरों की सूचना पर उन्हें एंबुलेंस द्वारा नवलगढ़ जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने कैलाश के पर्चा बयान और उनके भाई द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया था।
अपने बयान में कैलाश ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी संगीता ने ही अपने प्रेमी संदीप भास्कर को भेजकर उनका अपहरण करवाया था। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और लोग प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




