बिलासपुर एयरपोर्ट के साथ बजट में न्याय नहीं? हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने जताया विरोध; सब्सिडी और एलाइंस एयर पर उठाए गंभीर सवाल

बिलासपुर।हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने छत्तीसगढ़ राज्य के बजट में बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4c एयरपोर्ट में बदलने के लिए एक मुश्त आवंटन न मिलने और कोई ठोस घोषणा न होने पर निराशा व्यक्त की है।
समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि जो 90 करोड रुपए वायु प्रोत्साहन योजना के तहत बिलासपुर अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए आवंटित हुए हैं वह वस्तुतः इन शहरों से चलने वाली उड़ानों में यात्री कम होने पर सब्सिडी देने की गारंटी के लिए है।
क्योंकि बिलासपुर से चलने वाली फ्लाइट ज्यादातर 80% यात्रियों के साथ चलती है अतः इस सब्सिडी का उपयोग बिलासपुर दिल्ली बिलासपुर प्रयागराज जैसे सेक्टर में बहुत ही कम होता है। जबकि यह जगदलपुर जबलपुर या जगदलपुर दिल्ली या अंबिकापुर रायपुर सेक्टर में अधिक प्रभावी रही है।
इस कारण इस 90 करोड रुपए का अधिकाश लाभ बिलासपुर के बजाय अन्य शहरों को होने की संभावना है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस बात पर भी निराशा जाहिर की कि छत्तीसगढ़ सरकार सब्सिडी तो दे रही है परंतु इसके लिए ओपन टेंडर के माध्यम से सभी एयरलाइंस को आमंत्रित करने के बजाय केवल एक सरकारी कंपनी एलाइंस एयर केभरोसे है।
समिति ने कहा कि एलाइंस एयर के पास विमानो की कमी है और वह मनचाहे सेक्टर में उड़ान नहीं दे पा रहे। 2 साल से हैदराबाद बिलासपुर सेक्टर में उन्होंने उड़ान की घोषणा कर रखी है परंतु अभी तक वह उड़ान चालू नहीं हुई। वहीं बिलासपुर प्रयागराज सेक्टर में पर्याप्त सवारी होने के बावजूद उसे चार दिन से घटाकर पहले दो दिन और अब एक दिन किया जा रहा है। समिति ने एलाइंस एयर के अधिकारियों से हुई चर्चा के आधार पर बताया कि यह सब विमानो की कमी के कारण होता है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि इस स्थिति में बेहतर विकल्प यही है कि अन्य सभी एयरलाइंस को ओपन टेंडर के माध्यम से आमंत्रित किया जाए क्योंकि इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों के पास बड़ी संख्या में ऐसे विमान उपलब्ध है जो बिलासपुर में संचालित हो सकते हैं।





